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Monday, April 6, 2015

दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रहा है इस्लाम

साल 2050 में भारत की कुल आबादी में हिंदुओं की साझेदारी में 2.8 फीसदी तक कमी आने की संभावना है. 2050 में भारत में हिंदुओं की आबादी संभावित तौर पर लगभग 1.3 अरब होगी, जबकि उस वक्त कुल आबादी 1.7 अरब होगी.

2050 तक संभावित तौर पर देश की कुल आबादी का 76.7 फीसदी हिंदू होंगे, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 79.5 फीसदी था. पीयू शोध केंद्र (पीआरसी) के अध्ययन में यह खुलासा हुआ है. संस्थान द्वारा गुरुवार को जारी एक रपट के मुताबिक दुनिया में इस्लाम सर्वाधिक तेजी से प्रसारित होने वाला धर्म होगा, जिसके उपासकों की संख्या साल 2050 तक 2.76 अरब हो जाएगी, जबकि 2010 में यह 1.59 अरब थी.

साफ है कि आगामी 40 सालों में यह ईसाई धर्म को पछाड़ कर इसके करीब पहुंच जाएगा क्योंकि साल 2050 में ईसाइयों की संख्या संभावित तौर पर 2.19 अरब होगी. इन 40 सालों के दौरान, दुनिया की आबादी में ईसाइयों की साझेदारी 31.4 फीसदी पर स्थिर रहने की संभावना है, जबकि मुसलमानों की आबादी साल 2010 के 23.2 फीसदी से बढ़कर 29.7 फीसदी हो जाएगी.

इस प्रकार हिंदुओं की कुल आबादी में 2.8 फीसदी की कमी आने की संभावना है. 2010 में देश में हिंदुओं की कुल आबादी 97.37 करोड़ थी, जबकि साल 2050 में संभावित तौर पर यह 129.79 करोड़ होगी, इस प्रकार इस दौरान कुल हिंदू आबादी में 32.42 करोड़ की वृद्धि होगी.

पीआरसी की रपट के मुताबिक, साल 2050 में कुल आबादी में मुसलमानों की साझेदारी 2010 के 14.4 फीसदी से बढ़कर 18.4 फीसदी हो जाएगी. इस दौरान उनकी कुल आबादी 17.62 करोड़ से बढ़कर संभावित तौर पर 31.06 करोड़ हो जाएगी. इस प्रकार इन 40 सालों के दौरान, उनकी आबादी में 13.44 करोड़ की वृद्धि होगी.
यही नहीं, साल 2050 तक भारत मुस्लिम आबादी के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा देश होगा. इन 40 सालों में भारत इंडोनेश‍िया  (25.68 करोड़) और पाकिस्तान (27.31 करोड़) को पीछे छोड़ देगा.

शोध के मुताबिक, इस दौरान भारत की आबादी में ईसाइयों की साझेदारी में 0.3 फीसदी की कमी देखी जाएगी. 2010 में यह कुल आबादी की 2.5 फीसदी थी, जबकि 2050 में यह संभावित तौर पर 2.2 फीसदी होगी. साल 2010 में भारत में ईसाइयों की कुल आबादी 3.22 करोड़ थी, जबकि साल 2050 में संभावित तौर पर 3.67 करोड़ होगी. इस प्रकार इसमें 50.61 लाख की वृद्धि होगी.

वाशिंगटन के इस शोध संगठन के मुताबिक, अमेरिका में कुल आबादी में हिंदू आबादी की साझेदारी साल 2010 की 0.6 फीसदी से बढ़कर साल 2050 में संभावित तौर पर 1.2 फीसदी हो जाएगी. साल 2010 में अमेरिका में हिंदुओं की आबादी 17.9 लाख थी, जो साल 2050 में संभावित तौर पर 40.78 लाख हो जाएगी. इस प्रकार हिंदू आबादी के मामले में अमेरिका विश्व का पांचवां सबसे बड़ा देश होगा.

पीआरसी की रपट फ्यूचर ऑफ वर्ल्ड रिलिजंसः पॉपुलेशन ग्रोथ प्रोजेक्शन 2010-2050 के मुताबिक, विश्व में हिंदुओं की आबादी साल 2050 तक संभावित तौर पर 1.4 अरब हो जाएगी, जबकि साल 2010 में यह एक अरब थी. इस प्रकार ईसाइयों और मुसलमानों के बाद यह तीसरा सबसे बड़ा धर्म होगा. रपट के मुताबिक, किसी भी धर्म को न मानने वालों की आबादी साल 2050 तक 1.23 अरब होगी, जबकि साल 2010 में यह 1.13 अरब थी.
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में साल 2010 तक हिंदू धर्म मानने वालों की आबादी (1.02 अरब) सर्वाधिक थी. लेकिन साल 2050 में यह दूसरे नंबर पर आ जाएगी, क्योंकि इन 40 वर्षों के दौरान इस्लाम धर्म मानने वालों की आबादी संभावित तौर पर 1.45 अरब होगी, जो साल 2010 में 98.64 करोड़ थी.

पीआरसी के मुताबिक, साल 2045 तक हिंदुओं की आबादी 0.2 फीसदी की दर से बढ़ने की संभावना है.











Tuesday, March 31, 2015

भारत की हार पर शाहिद अफरीदी गुनगुनाए, 'मौका...मौका'

आखिरकार पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी को भी 'मौका' मिल ही गया. भले ही वह आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को हरा नहीं पाए लेकिन सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों भारत की हार पर वे चुटकी लेने का मौका नहीं चूके.
अब 'मौका-मौका' से BCCI को चिढ़ा रहे हैं पाकिस्तानी
वर्ल्ड कप के बाद वनडे क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा करने वाले अफरीदी ने धोनी के धुरंधरों का मजाक पॉपुलर 'मौका मौका' एड कैंपेन गुनगुना कर उड़ाया.
दरअसल, एक पाकिस्तानी टीवी शो में जब अफरीदी से सेमीफाइनल में भारत की हार पर प्रतिक्रिया देने को कहा गया तो वे 'मौका मौका' गाने लगे. स्टूडियो में मौजूद दर्शकों ने भी इसका जबरदस्त समर्थन किया.






Wednesday, March 25, 2015

कंगारुओं ने शेन वॉर्न की गेंदबाजी पर की नेट प्रैक्टिस

आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में गुरुवार को टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच होना है. दोनों ही टीमें इस मैच से पहले प्रैक्टिस में जी जान से जुटी हुई हैं. ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज खिलाड़ी भी कंगारुओं की मदद के लिए आगे आ रहे हैं. बुधवार को ऑस्ट्रेलिया की नेट प्रैक्टिस के दौरान पूर्व स्पिन गेंदबाज शेन वॉर्न भी वहां नजर आए.
वॉर्न ने नेट पर गेंदबाजी भी की और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने उनकी गेंद पर प्रैक्टिस की. इतना ही नहीं उसके बाद शेन वॉर्न ऑस्ट्रेलियाई ड्रेसिंग रूम में भी गए. माना जा रहा है कि वॉर्न ऑस्ट्रेलियाई टीम को भारतीय टीम के खिलाफ रणनीति बनाने में मदद कर रहे हैं.
मंगलवार को पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने कहा था कि अगर एससीजी के विकेट के धीमा होने की खबरें सही साबित होती हैं तो भारत के स्पिन गेंदबाज अहम भूमिका निभा सकते हैं. इस पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा था, 'मैंने अब तक पिच नहीं देखी है लेकिन अगर मैंने जो खबरें पढ़ी हैं उन पर गौर किया जाए तो मुझे लगता है कि यह धीमा विकेट होगा. हमने देखा कि पिछले मैच में यह काफी धीमा था जिसे दक्षिण अफ्रीका ने जीता. इसमें थोड़ा कम उछाल हो सकता है और विकेट धीमा हो सकता है और ऐसे में धीमे गेंदबाज अहम भूमिका निभा सकते हैं जो भारत के पक्ष में हो सकता है.'
अब वॉर्न की गेंदबाजी पर प्रैक्टिस ऑस्ट्रेलियाई टीम के कितने काम आती है ये तो गुरुवार को होने वाले मैच में ही पता चलेगा.




वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के खिलाफ स्लेजिंग की अगुवाई कर सकता हूं मैं: मिशेल जॉनसन


आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है. न्यूजीलैंड फाइनल में पहुंच चुका है और गुरुवार को टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया में जो टीम जीतेगी वो फाइनल में कीवी टीम से भिड़ेगी. दूसरे सेमीफाइनल में टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया फाइनल में पहुंचने के लिए सब कुछ दांव पर लगा देंगे. ऑस्ट्रेलिया स्लेज करने से बाज नहीं आएगा तो टीम इंडिया भी इसके लिए तैयार है.
ऑस्ट्रेलिया के पाकिस्तान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच के दौरान तीखी बहस से उत्साहित तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन ने कहा कि भारत के खिलाफ सेमीफाइनल में वह छींटाकशी के अगुआ बन सकते हैं क्योंकि यह खेल का हिस्सा है. आईसीसी के प्रमुख डेविड रिचर्डसन ने वर्ल्ड कप से पहले कहा था कि लगातार गलती करने वाले पर बैन लग सकता है लेकिन ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने इसी हफ्ते कहा था कि ऑस्ट्रेलिया को भारत के खिलाफ डेविड वार्नर को एक और घटना में घसीटने और संभावित बैन की चिंता नहीं है. वार्नर की टेस्ट सीरीज के दौरान भारतीय खिलाड़ियों से कई बार बहस हुई थी.
ट्राई सीरीज के दौरान भी उन्होंने रोहित शर्मा को मेलबर्न वनडे में अंग्रेजी में बोलने में हिदायत दी थी जिसके लिए उन पर जुर्माना लगा था. जॉनसन ने हालांकि कहा कि एससीजी पर जब ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक तेवरों की बात आएगी तो वार्नर इससे पीछे हट सकता है. उन्होंने कहा, 'मैंने सुना है कि डेवी ने कहा कि वह इन सब चीजों में शामिल नहीं होना चाहता है. किसी को यह करना होगा और मुझे लगता है कि मैं इसमें हाथ आजमा सकता हूं. यह खेल का हिस्सा है. शेन वाटसन और वहाब रियाज के साथ जो कुछ हुआ वह मेरे हिसाब से अपवाद था.'
वाटसन और रियाज पर आपस में उलझने के लिए जुर्माना लगाया गया था. जॉनसन के अलावा आस्ट्रेलियाई कोच डेरेन लीमन भी इससे नाखुश थे. हालांकि मैच के बाद दोनों खिलाड़ी एक दूसरे से बात करते नजर आए थे. शेन वाटसन ने वहाब रियाज की तारीफ करते हुए एक ट्वीट भी किया था.





इन 5 बातों का ख्याल रखे टीम इंडिया, वरना...

पिच की 'गुगली' 
सिडनी की पिच को लेकर जबरदस्त हो हल्ला मचा है. कंगारू चाहते हैं कि पिच उनके तेज गेंदबाजों के लिए मददगार हो. पर क्यूरेटर के बयान से साफ है कि ऐसा होने की संभावना बेहद कम है. जानकार बताते हैं कि यह पिच धीमी होगी और इस पर स्पिन को फायदा मिल सकता है. पर यह भी एक छलावा साबित हो सकता है. क्योंकि इस मैदान पर खेले गए क्वार्टरफाइनल मुकाबले में भले ही साउथ अफ्रीका के स्पिन गेंदबाजों ने श्रीलंका के खिलाफ 7 विकेट झटके. पर यह भी सत्य ही है कि इस मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका ने 400 से ज्यादा रन बनाए. और मेजबान टीम और श्रीलंका के बीच हुए मुकाबले में दोनों टीमों ने 300 से ज्यादा रन बनाए थे. अगर टीम इंडिया स्पिन को मदद देने वाली पिच उम्मीद लगाए बैठी है तो यह उसके लिए घातक साबित हो सकता है. इसके अलावा मंगलवार को पूरे दिन सिडनी में बारिश हुई जिस वजह से पिच पर कवर लगा आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया और भारत आमने-सामने होंगे. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में 26 मार्च को खेले जाने वाले इस मैच में जबरदस्त रोमांच देखने को मिल सकता है. भारत पिछले साल नवंबर के अंत से ही ऑस्ट्रेलिया में ही है. दोनों टीमें अब तक टेस्ट और वनडे सीरीज में एक-दूसरे से भिड़ चुकी हैं. इतने लंबे दौरे के बाद दोनों टीमें एक दूसरे से पूरी तरह वाकिफ हैं. हरेक खिलाड़ी के पास विरोधी टीम पूरा खाका चिट्ठा है. यानी भारत ने भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रणनीति बना ली होगी. पर सेमीफाइनल जैसे अहम मुकाबले में एक भी गलती विश्व कप से बाहर का रास्ता दिखा देगी. ऐसे में भारत को इन पांच बातों का खास ख्याल रखना होगा.

इन 5 वजहों से हम होंगे कंगारुओं पर भारी

कंगारुओं की तेज गेंदबाजी का 'वुल्फ पैक' 
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को भले ही कंगारुओं के नाम से संबोधित किया जाता हो, पर इस टीम के तेज गेंदबाज 'वुल्फ पैक' की तरह है. क्रिकेट की शब्दावली में ये गेंदबाज विरोधी बल्लेबाजों का शिकार किसी 'वुल्फ पैक' की तरह करते हैं. चौतरफा आक्रमण. मिशेल स्टार्क की इन स्विंगिंग गेंदबाजी से बच गए तो मिशेल जॉनसन की रफ्तार और बाउंसर के लिए तैयार रहिए. अगर इन दोनों से पार पा लिया तो जॉश हेजलवुल्ड की सटीक लाइन-लेंथ गेंदबाजी या पैट कमिंस की रफ्तार भरी गेंदबाजी. मान लिया कि आपने इन चारों गेंदबाज का काट निकाल लिया अब जेम्स फॉकनर की चतुराई भरी गेंदबाजी पर क्या करेंगे. सबसे अहम बात यह है कि ये सभी गेंदबाज करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बॉल फेंक सकते हैं. यानी किसी न किसी जाल में फंस ही जाएंगे.
वर्ल्ड कप सेमीफाइनल: लोग छुट्टियां लेने के लिए बहाने बना रहे हैं
गेम रनों और विकेटों का है, स्लेजिंग का नहीं 
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर माइंड गेम में माहिर हैं. स्लेजिंग के मामले में उनसा कोई नहीं. मैच तो अभी शुरू भी नहीं हुआ पर ज्यादातर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर स्लेजिंग पर बढ़-चढ़कर बयानबाजी कर रहे हैं. मौजूदा टीम इंडिया को देखते हुए यह भी तय है कि वे स्लेजिंग का जवाब स्लेजिंग से ही देंगे. यानी मैदान पर जबरदस्त तनातनी देखने को मिल सकता है. और कंगारू भी यही तो चाहते हैं. उन्हें लगता है कि यह रणनीति उनके अंदर का सर्वश्रेष्ठ निकालती है. इसलिए भारतीय क्रिकेटरों में इस जाल में फंसने से बचना होगा. क्योंकि यह मैच गेंद और बल्ले का है, स्लेजिंग का नहीं. किसने कब स्लेज किया? क्या उसे जवाब दिया गया? इस तरह की सोच खिलाड़ियों का ध्यान क्रिकेट से दूर कर सकती है जो सेमीफाइनल जैसे अहम मुकाबले में भारी नुकसानदेह है. भारत को अगर ऑस्ट्रेलिया के स्लेजिंग का जवाब देना है तो बल्ले और गेंद से दे, तभी नतीजा अपने पक्ष में जाएगा.रहा. यानी इस पिच पर उतनी धूप नहीं पड़ी है जिसकी उम्मीद टीम इंडिया को रही होगी.


'स्पिनर' मैक्सवेल पर सोच समझ कर खेलें

ज्यादातर क्रिकेट एक्सपर्ट का मानना है कि स्पिन डिपार्टमेंट में भारत का पलड़ा भारी है. चाहे बात स्पिन गेंदबाजों की हो या फिर स्पिन बॉलिंग खेलने की. क्रिकेट एक्सपर्ट मानकर चल रहे हैं कि दोनों ही परिस्थिति में भारत ऑस्ट्रेलिया पर हावी रहेगा. वैसे यह मानकर चला जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया अपने प्लेइंग इलेवन में बदलाव नहीं करेगा और ग्लेन मैक्सवेल पार्ट टाइम स्पिनर की भूमिका में नजर आएंगे. भारत के लिए मैक्सवेल को खेलना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा. पर यह एक पेंचीदा मामला है. मैक्सवेल ऑफ स्पिनर हैं. ऑफ स्पिन गेंदबाजी के सामने टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन से हर कोई वाकिफ है. इंग्लैंड दौरे पर जिस तरह से पार्ट टाइमर मोइन अली ने हमारे बल्लेबाजों की पोल खोली. उसे यादकर मन में डर तो बना ही रहेगा. अजिंक्य रहाणे और शिखर धवन अक्सर मोइन अली का शिकार बने. क्रिकेट के जानकार मानते हैं कि भारत ने मोइन अली को हल्के में लिया. दूसरे छोर पर अच्छी गेंदबाजी के दबाव से उबरने के लिए भारत के मोइन पर ज्यादा आक्रमण किया नतीजतन वे अपना विकेट फेंकते गए. कुछ ऐसा ही सेमीफाइनल मैच मे भी हो सकता है. अगर टीम इंडिया एहतियात नहीं बरतती है तो सेमीफाइनल में भी मैक्सवेल की फिरकी भारत पर भारी साबित हो सकती है.

बाउंसर का लोभ 

इस वर्ल्ड कप में भारतीय तेज गेंदबाजों की रणनीति ने सबको प्रभावित किया है. वे अपनी रफ्तार से विरोधी बल्लेबाज पर हावी होने में सफल रहे हैं, खासकर बाउंसर के इस्तेमाल से ज्यादातर एक्सपर्ट चकित हैं. रिकॉर्ड बताते हैं इस वर्ल्ड कप में भारत ने करीब 25 विकेट शॉर्ट गेंदों से ली है. इसमें मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की लंबी बाउंड्री और पर्थ की बाउंसी पिच का भी अहम योगदान रहा. पर एससीजी में ना तो बाउंड्री इतनी लंबी है और ना ही यहां की पिच में पर्थ जैसी उछाल. इसके अलावा क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान ने जिस तरह से बाउंसर डालकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को परेशान किया वो भारत को बाउंसर रणनीति अपनाने के लिए प्रलोभित कर सकता है. मगर टीम इंडिया को यह नहीं भूलना चाहिए कि कंगारू अपने घर में बाउंसी विकेट पर खेलने के आदी हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज को भी याद किया जाए तो बिस्बेन टेस्ट तो हम अपनी बाउंसर रणनीति के कारण हारे. मिशेल जॉनसन के बाउंसर डालने की रणनीति अपनाई और बदले में जमकर रन लुटाए. बाउंसर मारकर बल्लेबाज को परखने में कुछ भी गलत नहीं है पर इस रणनीति पर बहुत ज्यादा निर्भर होना भारत के लिए मुश्किलें खड़ा कर सकता है.




Monday, March 23, 2015

सेमीफाइनल में टीम इंडिया की जीत के लिए मिस्बाह-उल-हक के नुस्खे



नई दिल्ली: वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल मैच को लेकर इस वक्त टीम इंडिया के फैन्स की राय भी बंटी हुई है। लेकिन पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक़ 26 मार्च को सिडनी में होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में अपना दांव टीम इंडिया पर लगा रहे हैं। उनका मानना है कि सिडनी की स्लो पिच पर मेजबान टीम के बल्लेबाजों को मुश्किल आएगी। क्योंकि, सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर स्पिनरों को मदद मिलेगी।


मिस्बाह कहते हैं कि सिडनी में हुए पहले क्वार्टर फाइनल में इमरान ताहिर ने 4 विकेट हासिल किए थे और उनसे श्रीलंकाई बल्लेबाजों को काफी परेशानी हुई थी। दरअसल श्रीलंका के खिलाफ सिडनी के स्लो पिच पर लेग स्पिनर इमरान ताहिर ने चार और ऑफ स्पिनर जेपी ड्यूमिनी ने हैट्रिक विकेट अपने नाम किए थे। उनका मानना है कि आखिरी चार की जंग में दोनों ही मेजबान टीमों को एक उम्दा स्पिनर की कमी खलेगी।

मिस्बाह कहते हैं, हालांकि ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की टीमें बेहद अच्छा क्रिकेट खेल रही हैं। फिर भी उन्हें स्पिनरों के खिलाफ मुश्किलें जरूर आएंगी। वैसे इस वर्ल्ड कप में सिडनी में ही दक्षिण अफ्रीका ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ 408 रन बनाए थे और ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका के खिलाफ 376 रन बनाए थे। कुमार संगाकारा के शतक के सहारे श्रीलंका ने भी ऑस्ट्रेलिया को 312 रनों का जवाब दिया था। ऐसे में इस पिच पर रनों की बारिश की उम्मीद की जा सकती है।

टीम इंडिया ने अब तक अपने सात मैचों में कुल 70 विकेट झटके हैं। इन 70 विकेटों में आर अश्विन ने 12 और रविन्द्र जडेजा ने 9 यानी कुल 21 विकेट झटके हैं। टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रणनीति बनाते वक्त अश्विन, जडेजा, सुरेश रैना और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों को जेहन में रखकर विपक्ष का किला ढहाने की कोशिश करेगी।





Tuesday, March 17, 2015

CWC: सेमीफाइनल में PAK और फाइनल में श्रीलंका से भिड़ेगी टीम इंडिया!

वर्ल्ड कप की असली जंग अब शुरू होगी. दोनों पूल से चार चार टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी हैं. 18 मार्च से शुरू हो रहे क्वार्टर फाइनल मुकाबले में वर्ल्ड कप में बने रहने का महज एक ही मंत्र होगा और वो है जीत. जीत के लिए हर टीम जी जान लगा देगी. इन सबके बीच एक रोचक बात ये है कि वर्ल्ड कप में भारत का सेमीफाइनल और फाइनल मैच उन दो टीमों के साथ हो सकता है, जिनके साथ 2011 में हुआ था.
सेमीफाइनल में India vs Pakistan
समीकरण की बात करें तो दूसरा सेमीफाइनल में क्वार्टर फाइनल-2 की विजेता टीम vs क्वार्टर फाइनल-3 की विजेता टीम मुकाबला होगा. दूसरा क्वार्टर फाइनल मैच भारत और बांग्लादेश के बीच खेला जाना है तीसरा ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान. क्रिकेट पंडितों का मानना है कि भारत बांग्लादेश के खिलाफ जीत दर्ज करके सेमीफाइनल में आसानी से पहुंच जाएगा. लेकिन वहां उसे ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल की विजेता टीम से भिड़ना होगा.

ऑस्ट्रेलिया की किस्मत 'खराब'
वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने 6 में से 4 मैच जीते जबकि एक मैच में उसे बांग्लादेश के साथ अंक साझा करना पड़ा. ऑस्ट्रेलिया ने भले ही अपने आखिरी तीन मैच जीते हों लेकिन स्कॉटलैंड के खिलाफ भी इस टीम को संघर्ष करना पड़ गया था.

पाकिस्तान ने सबको चौंकाया
वहीं पाकिस्तान ने शुरुआती मैच गंवाने के बाद जिस अंदाज में वापसी की है उसे देखकर लगता है कि वो ऑस्ट्रेलिया को भी धो सकता है. पाकिस्तान ने भारत और वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच गंवाने के बाद लगातार चार मैच जीते. इन चार मैचों में उसने मजबूत मानी जा रही दक्षिण अफ्रीकी टीम को भी धूल चटाई. पाकिस्तान की मौजूदा फॉर्म कंगारुओं पर भारी पड़ सकती है और अगर ऐसा होता है तो 2011 वर्ल्ड कप की तरह भारत के सामने सेमीफाइनल में पाकिस्तान होगा, इसके अलावा ये पहला मौका होगा जब एक ही वर्ल्ड कप में टीम इंडिया और पाकिस्तान के बीच दो मैच होंगे.

श्रीलंका ऐसे पहुंच सकता है फाइनल तक
वहीं पहले सेमीफाइनल में क्वार्टर फाइनल-1 की विजेता टीम (न्यूजीलैंड बनाम वेस्टइंडीज) vs क्वार्टर फाइनल-4 (श्रीलंका बनाम दक्षिण अफ्रीका) की विजेता टीम से भिड़ेगी. पहले क्वार्टर फाइनल में न्यूजीलैंड का पलड़ा भारी लग रहा है और ऐसे में वेस्टइंडीज क्वार्टर फाइनल में बाहर हो सकता है. वहीं चौथे क्वार्टर फाइनल में श्रीलंका का फॉर्म देखते हुए उसे दक्षिण अफ्रीका से ज्यादा मजबूत टीम माना जा रहा है. लीग मैचों में दक्षिण अफ्रीका को भारत और पाकिस्तान दोनों के खिलाफ हार का मुंह देखना पड़ा था. इसके अलावा इस टीम के साथ 'चोकर्स' भी टैग लगा हुआ है. तो ऐसे में श्रीलंका और न्यूजीलैंड के बीच पहला सेमीफाइनल मैच हो सकता है. श्रीलंका के दो दिग्गज खिलाड़ी महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा का ये आखिरी वर्ल्ड कप है और ऐसे में टीम न्यूजीलैंड को हराने के लिए सबकुछ झौंक देगी. लीग मैचों के दौरान श्रीलंका को न्यूजीलैंड के खिलाफ 98 रनों की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी लेकिन इसके बाद श्रीलंकाई टीम ने टूर्मामेंट में जोरदार वापसी की है. अब ऐसे में कीवी टीम के लिए सेमीफाइनल मुकाबला इतना आसान नहीं रह जाएगा. इस तरह से श्रीलंका फाइनल में पहुंच सकता है.

भारत की फाइनल तक की राह
सेमीफाइनल में भारत कैसे पहुंच सकता है हम आपको बता चुके हैं. और अगर हमारे समीकरणों के हिसाब से भारत पाकिस्तान में सेमीफाइनल मुकाबला होता है तो वर्ल्ड कप के रिकॉर्ड्स को देखते हुए टीम इंडिया का फाइनल में पहुंचना तय सा है. वर्ल्ड कप में टीम इंडिया आज तक कभी पाकिस्तान से हारा नहीं है.

अब देखना ये है कि इस वर्ल्ड कप में भी वैसा ही कुछ होगा जैसा 2011 वर्ल्ड कप में हुआ था या इतिहास खुद को नहीं दोहरा पाएगा. अगर भारत और श्रीलंका के बीच फाइनल मैच होता है तो टीम इंडिया के पास 2014 टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में मिली हार का हिसाब चुकता करने का अच्छा मौका होगा.









शाहिद अफरीदी ने ऐसा क्या कह दिया जो वायरल हो गया

पाकिस्तान के धुंआधार क्रिकेटर शाहिद अफरीदी 2015 क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए टीम में तो हैं लेकिन उन्होंने अपने बल्ले से कुछ खास नहीं किया है. उन्होंने खेली गई पांच पारियों में केवल 93 रन बनाए हैं. लेकिन क्रिकेट पिच से इतर वो आज कल सोशल मीडिया में ज्यादा तहलका मचा रहे हैं. एक क्रिकेट कमेंटेटर को दिया गया उनका इंटरव्यू सोशल मीडिया में वायरल हो गया है.
रविवार को हुए आयरलैंड के खिलाफ मैच में ब्रेक के दौरान टीवी कमेंटेटर मार्क निकोलस ने उनका इंटरव्यू लिया. इस सवाल-जवाब के अंत में अफरीदी ने कुछ ऐसा बोला जो सुनने में ‘निगर’ जैसा लगा, इसका मतलब नीग्रो होता है. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने कहा क्या लेकिन यह वीडियो वायरल हो चुका है.
इसके बाद अफरीदी ने ट्विटर पर इससे जुड़ा एक ट्वीट भी किया लेकिन उससे भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई. 

फिलहाल अफरीदी और टीम के उनके साथी क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ने की तैयारी में जुटे हैं. यह मुकाबला 20 मार्च यानी शुक्रवार को होना है.








Saturday, March 14, 2015

धोनी के सपोर्ट से बना डोमेस्टिक से इंटरनेशनल बॉलरः मोहम्मद शमी

आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप में शानदार फॉर्म में चल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टीम इंडिया के कैप्टन कूल एम एस धोनी की जमकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि धोनी की कप्तानी में वो काफी सहज महसूस करते हैं. शमी ने कहा कि धोनी की बेस्ट बात है कि वो कभी कुछ डिमांड नहीं करते.
द बेस्ट हैं धोनी...
शमी ने कहा कि उनके समर्थन के कारण बंगाल का यह तेज गेंदबाज बड़ी सहजता से घरेलू से अंतरराष्ट्रीय स्तर का गेंदबाज बन गया. शमी ने टूर्नामेंट में अब तक भारत की ओर से सबसे ज्यादा 12 विकेट लिए हैं. शमी से पूछा गया कि उनके दो साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में धोनी का क्या योगदान रहा, उन्होंने कहा, ‘वह जिस तरह से टीम का नेतृत्व करते हैं और जिस तरह से गेंदबाज के रूप में उन्होंने मुझे संभाला वह मुझे पसंद है. मैंने सभी फॉरमैट में उनके नेतृत्व में डेब्यू किया. जब भी वह कप्तानी कर रहे होते हैं तो मैं तनाव में नहीं रहता. मैं बहुत आराम से खेलता हूं.’

उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले मैच से पहले कहा, ‘वह उन कप्तानों में नहीं हैं जो मुझसे किसी चीज की डिमांड करें. वह ऐसे कप्तान हैं जो मुझे मेरी गलतियां के बारे में बताते हैं और भविष्य में उन्हें नहीं दोहराने के लिए कहते हैं. वह कभी गुस्सा नहीं होते. वह बड़ी शांति से अपनी बात रखते हैं और स्थिति का सामना करते हैं जिससे गेंदबाजों को मदद मिलती है.’
बंगाल से ज्यादा सहज टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में लगता है शमी ने कहा कि किसी भी गेंदबाज के लिए जरूरी है कि उसे कप्तान का समर्थन मिले और धोनी यही कर रहे हैं. उन्होंने यहां तक कहा कि अपनी घरेलू टीम (बंगाल) के बजाय वह भारतीय ड्रेसिंग रूम में अधिक सहज महसूस करते हैं. उन्होंने कहा, ‘गलतियों के बावजूद कप्तान का समर्थन बेहद अहम होता है और धोनी ऐसा करते हैं. यह मेरे लिए अच्छी बात है कि मैंने उनकी कप्तानी में डेब्यू किया.’
प्लान ए ना काम करे तो प्लान बी करते हैं इस्तेमाल
शमी से पूछा गया कि भारतीय तेज गेंदबाजी इकाई अपनी रणनीति पर किस तरह से अमल कर रही है जिसके कारण उन्होंने अब तक विरोधी टीमों को पांचों मैचों में आउट किया है, उन्होंने कहा, ‘यह इस पर निर्भर करता है कि कैसी परिस्थितियां हैं और आपकी रणनीति क्या है.’ उन्होंने कहा, ‘आपको रणनीति पर काम करके उसके अनुसार गेंदबाजी करनी होती है. गेंदबाज होने के कारण आपकी अपनी रणनीति होती है और कप्तान की भी योजना होती है. आपको गेंदबाजी करते समय दोनों अपने दिमाग में रखने होते हैं. हम इन रणनीतियों के हिसाब से चलते हैं. अगर ‘प्लान ए’ नहीं चल पाता है तो फिर ‘प्लान बी’ को आजमाते हैं.’

अच्छी बुरी फॉर्म खेल का हिस्सा
भारतीय गेंदबाजों का ऑस्ट्रेलियाई दौरे में काफी लचर प्रदर्शन रहा था, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी की. शमी ने कहा, ‘अच्छा और बुरा दौर खेल का हिस्सा है और क्रिकेटर के रूप में आपको अच्छे और बुरे दिनों से गुजरना पड़ता है. मेरे लिए यह लंबा दौरा रहा है. टेस्ट मैच खेलते हुए आपकी मानसिकता और प्रैक्टिस फॉरमेट के मुताबिक होता है. इसी तरह से मानसिकता बदलती रहती है.’

बुरे दिनों को भूल जाना चाहिए...
उन्होंने कहा, ‘यह मुश्किल नहीं है. हम जूनियर नहीं है जहां आपको कुछ चीजें सिखायी जाती है. हम खेल के फॉरमैट के मुताबिक अपनी मानसिकता बदलते हैं. बुरे दिनों को याद करने से आपकी सोच प्रभावित होगी. इससे बेहतर यही है कि आगे के बारे में सोचा जाए.’ जिंबाब्वे के खिलाफ मैच के बारे में उन्होंने कहा, ‘विरोधी टीम कोई भी हो हम हमेशा मैच जीतने पर ध्यान देते हैं. क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और हम वैसा ही खेलना चाहते हैं जैसा अब तक खेल रहे हैं. जिंबाब्वे के खिलाफ इसमें कोई अंतर नहीं आएगा.’




Friday, March 13, 2015

शमी ने इशारे में बताया कि वर्ल्ड कप के बाद संन्यास ले सकते हैं धोनी

टीम इंडिया के कैप्टन कूल एम एस धोनी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि वर्ल्ड कप के बाद वो वनडे क्रिकेट को भी अलविदा कह देंगे. मौजूदा वर्ल्ड कप में शानदार फॉर्म में चल रहे मोहम्मद शमी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसा कुछ कह दिया जिसको धोनी से संन्यास से जोड़कर देखा जा रहा है.
शमी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, 'हम सभी मैचों को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. हम अपना विजय अभियान जारी रखना चाहते हैं, हम किसी भी कीमत पर वर्ल्ड कप जीतना चाहते हैं. चार साल पहले टीम ने सचिन तेंदुलकर के लिए वर्ल्ड कप जीता था. इस बार हमें नहीं पता कि अगले वर्ल्ड कप तक कौन से खिलाड़ी खेलते रहेंगे तो हम इस बार उनके लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहते हैं.' इसके तुरंत बाद शमी ने कहा, 'धोनी शानदार कप्तान हैं.' शमी के इस बयान से एक बार फिर से धोनी के संन्यास की खबरों की चर्चा तेज हो गई है.
धोनी ने कप्तान के तौर पर टीम इंडिया को कई जीत दिलाईं और कई रिकॉर्ड्स भी बनाए. धोनी एकमात्र ऐसे कप्तान हैं जिसकी कप्तानी में टीम इंडिया ने आईसीसी के सभी बड़े टूर्नामेंट जीते हैं. धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने 2007 टी-20 वर्ल्ड कप जीता, टेस्ट में नंबर वन टीम बनी और 2011 वर्ल्ड कप जीता.







Thursday, March 12, 2015

वर्ल्ड कप 2015 मौका मौका विज्ञापन सीरीज का नया ऐड आया


आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप के पूल बी में टीम इंडिया ने जीत का पंजा मार लिया है और इसके साथ ही मार्केट में आ गया है 'मौका मौका...' विज्ञापन सीरीज का नया ऐड. इसमें पाकिस्तानी फैन टीम इंडिया की जर्सी उतारकर वापस पाकिस्तान की जर्सी पहनता नजर आ रहा है.
हालांकि इस बार ऐड भारत की जीत से पहले ही रिलीज कर दिया गया. पाकिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका को मात देकर वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की उम्मीद बनाए रखी. वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच के बाद जो 'मौका मौका...' ऐड आया था उसमें पाकिस्तानी फैन को इंडियन जर्सी पहनते हुए दिखाया गया था.
दक्षिण अफ्रीका के साथ हुए मैच से पहले पाकिस्तान की नजरें भारत और आयरलैंड के बीच होने वाले मैच पर थी, जिसमें भारत की जीत से पाकिस्तान को मदद मिलती. लेकिन पाकिस्तान ने इसकी नौबत ही नहीं आने दी. पाकिस्तान टीम ने जिस तरह से वर्ल्ड कप में वापसी की है उसे देखते हुए इस फैन की उम्मीदें भी जग गई हैं. तो क्या पाकिस्तान को मिलेगा 'मौका... मौका...'








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