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Saturday, March 5, 2016

WhatsApp और दूसरे सोशल मीडिया मैसेजिंग सर्विस पर नहीं होगा सरकारी पहरा, मिलेगी छूट

व्हाट्सअप, फेसबुक जैसे मोबाइल App और ऐसे अन्य दूसरे सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए खुशखबरी है. नेशनल एनक्रि‍प्शन पॉलिसी के तहत पहले जहां प्राइवेट चैट पर सरकारी पहरा लगाए जाने की बात कही जा रही थी, वहीं इस ओर विवाद बढ़ने के बाद पुष्टि‍ की गई है कि प्रस्ताव में ऐसे Apps और वेबसाइट्स पर पहरे या पाबंदी की बात नहीं है.


डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (DEITY) ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है कि एनक्र‍िप्शन पॉलिसी में कई ऐसी कैटे‍गिरी हैं, जिन्हें इस नीति से छूट मिलेगी. जबकि इससे पहले विभाग ने कहा था कि एनक्रि‍प्टेड मैसेजिंग सर्विस के तहत भेजे जाने वाले सभी मैसेज को 90 दिनों तक सुरक्षि‍त रखना अनिवार्य होगा. यानी व्हाट्सअप (एंड्रॉयड वर्जन सपोर्ट्स), गूगल हैंगआउट और एप्पल आईमैसेज जैसी सर्विस का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स किसी भी सूरत में 90 दिनों से पहले अपनी चैट हिस्ट्री को डिलीट नहीं कर पाएंगे.

एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक, DEITY ने अपनी वेबसाइट पर नीति के लिए प्रस्तावित परिशिष्ट में लिखा है कि लोगों द्वार बड़ी संख्या में इस्तेमाल किए जाने वाले व्हाट्सअप, फेसबुक , ट्विटर जैसे वेब एप्लि‍केशंस, सोशल मीडिया साइट्स और सोशल मीडिया एप्लि‍केशंस (एनक्रि‍प्टेड प्रोडक्ट) को नेशनल एनक्रिप्शन पॉलिसी के मसौदे के दायरे से छूट मिलेगी.

इसके साथ ही इंटरनेट बैंकिंग, पेमेंट गेटवे और अन्य दूसरे ई-कॉमर्स व पासवर्ड आधारित लेन-देन को भी मसौदे के दायरे से अलग रखा जाएगा.

गौरतलब है कि देश में पिछले साल तक 7 करोड़ से ज्यादा व्हाट्सएप यूजर थे. यह पॉलिसी केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने तैयार की है. फिलहाल, 16 अक्टूबर तक आम लोगों से इस पर सुझाव मांगे गए हैं.

Friday, July 3, 2015

अब फेसबुक से आप भी कमा सकेंगे पैसे

फेसबुक पर ओरिजनल वीडियो अपलोड करने वालों के लिए अच्छी खबर है. वे अब इससे कमाई भी कर सकते हैं. जी हां, फेसबुक अब एक नया फीचर जोड़ने जा रहा है.

इसके तहत अगर आप अपनी टाइमलाइन या फेसबुक पेज पर कोई वीडियो अपलोड करते हैं तो फेसबुक उस पर एड चलाएगा और इससे होने वाली आमदनी को आपके साथ शेयर भी करेगा. हां, वीडियो ओरिजनल होना चाहिए और उस पर किसी का कॉपीराइट नहीं होना चाहिए. आपको बता दें कि भारत में फेसबुक का इस्‍तेमाल करने वालों की संख्या 12 करोड़ से ज्यादा है .

फेसबुक का नया फीचर 'सजेस्टेड वीडियो' फिलहाल आईफोन पर टेस्ट किया जा रहा है. इसका फायदा कंटेट क्रिएटर और मीडिया हाउस को भी होगा. इसका रेवन्यू मॉडल वैसा ही है जैसा कि यूट्यूब का है. फेसबुक के अनुसार 10 सेकेंड्स या उससे ज्यादा समय तक एड देखने पर ही विज्ञापन देने वाले से चार्ज किया जाएगा. यानी कि किसी वीडियो एड पर रेवन्यू तभी जनरेट होगा जब कोई सर्फर उस एड को कम से कम 10 सेकेंड्स तक देखेगा.

इस फीचर के लाइव होने के बाद आपको अपनी न्‍यूज फीड पर सजेस्‍टेड वीडियो फीड दिखाई देगी. आप जिस वीडियो को क्लिक करेंगे फेसबुक उससे संबंधित दूसरे वीडियोज़ भी आपको सजेस्‍ट करेगा. यही नहीं फेसबुक अपनी न्यूज फीड एल्‍गोरिदम में बदलाव कर रहा है. इससे सर्फर अपनी फीड में वीडियो देख सकेगा और उसे अपने अनुसार फीड में सहेज भी सकेगा.

बहरहाल, फेसबुक अपने वीडियो एड से हासिल रेवन्यू का 55 फीसदी इसके कंटेट क्रिएटर के साथ शेयर करेगा. अभी फेसबुक ने इस बाबत एनबीए, फॉक्स स्पोर्ट, टेस्टमेड एवं फनी और डाइ के साथ पार्टनरशिप की है.


आपको बता दें कि सबसे पहले यूट्यूब ने वीडियो पर एड देने शुरू किए थे. वीडियो अपलोड करने के मामले में यूट्यूब इस वक्‍त दुनिया की नंबर वन सोशल मीडिया साइट है. जाहिर है फेसबुक के इस कदम से अब उसे कड़ी टक्‍कर मिल सकती है.

अभी फेसबुक को सबसे ज्‍यादा रेवन्यू मोबाइल से मिल रहा है और इसमें और तेजी आने की संभावना है. एक स्वतंत्र रिसर्च कंपनी के अनुमान की मानें तो इस साल फेसबुक को पूरी दुनिया से होने वाली आमदनी में से 73 फीसदी यानी 70 हजार करोड़ रुपये (10.90 बिलियन डॉलर) सिर्फ मोबाइल एड के जरिए हासिल होंगे. मोबाइल पर फेसबुक एप्लीकेशन किसी दूसरे एप्प की तुलना में काफी सफल है.










जम्मू-कश्मीर में 11 आतंकियों ने फेसबुक पर डाली अपनी फोटो


दुस्सास भरा कदम उठाते हुए 11 युवा कश्मीरी आतंकियों ने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर अपनी फोटो डाल दी, जिसमें वे सेना की वर्दी पहने हुए और हथियारों से लैस दिख रहे हैं. फेसबुक पर ये तस्वीरें सामने आने के बाद सुरक्षाबल हरकत में आ गए.

दो दिन तक फेसबुक पर रही इस फोटो में उन 11 आतंकवादियों को दिखाया गया है, जो हाल ही में प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन में शामिल हुए हैं. अब यह तस्वीर फेसबुक पर नहीं दिख रही है, लेकिन इस वाकये से जम्मू-कश्मीर की सेना और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया.

अमरनाथ यात्रा की वजह से ज्यादा चौकसी 

हड़कंप मचने की बड़ी वजह यह थी कि सालाना अमरनाथ यात्रा बुधवार से ही शुरू हुई है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने सोशल नेटवर्किंग साइट से उस इंटरनेट प्रोटोकोल का ब्योरा मांगा है, जहां से ये तस्वीरें फेसबुक पर डाली गईं और फिर हटा ली गईं.


फोटो में भगोड़ा कॉन्स्टेबल नसीर भी

तस्वीर में जम्मू-कश्मीर पुलिस का पूर्व कॉन्स्टेबल नसीर दिख रहा था, जो मुफ्ती मुहम्मद सईद की अगुवाई वाली पीडीपी-बीजेपी सरकार में मंत्री अल्ताफ बुखारी के यहां गार्ड ड्यूटी करते वक्त दो एके-47 राइफलों के भाग गया था. तस्वीर में त्राल का रहने वाला बुरहान वानी भी दिखाई दे रहा था, जो घाटी में हिज्बुल मुजाहिदीन के युवा चेहरे के तौर पर उभरा है. ऐसा लगता है कि दक्षिण कश्मीर के शोपियां या पुलवामा के बागानों में किसी जगह पर तस्वीर ली गई. दक्षिण कश्मीर विभिन्न आतंकवादी संगठनों में युवाओं की भर्ती के लिए एक प्रमुख क्षेत्र बन गया है.










Tuesday, March 31, 2015

फेसबुक ने लांच किया नया मोबाइल एप एनालिटिक्‍स टूल

न्‍यूयॉर्क

 फेसबुक ने मोबाइल डेवलपर्स के लिए एक नया एनालिटिक्‍स टूल लांच किया है, जिसकी मदद से वे अपने एप पर यूजर्स के व्‍यहवार को ट्रैक कर सकेंगे। यह टूल फ्री में उपलब्‍ध होगा।


एप डेवलपर्स के लिए यह टूल बहुत से काम करेगा। उदाहरण के लिए, यह टूल उन्‍हें एप के उस पार्ट को खोजने में मदद करेगा जिसको चलाने में यूजर्स को परेशानी आ रही हो। यह टूल डेवलपर्स को यह समझने में भी मदद करेगा कि यूजर्स उसे क्‍यों छोड़ रहे हैं इसके अलावा इससे यूजर्स लाइफटाइम वैल्‍यू, रिपीट पर्चेज रेट आदि का भी पता चलेगा। यह टूल एप यूजर्स की जिओग्राफी, एज, जेंडर और लैंग्‍वेज से संबंधित जानकारी भी दे सकता है। इस एनालिटिक्‍स टूल की मदद से डेवलपर्स यह जान पाएंग के कि उनके यूजर्स कहां से आ रहे हैं और एड पर क्लिक करने के बाद वे कहां गए।








Tuesday, March 10, 2015

जानिए, किस तरह एक के बाद एक गूगल के नेटवर्किंग IDEA हुए FAIL

गूगल नेटवर्क 30 सितंबर को अपनी सोशल नेटवर्किंग साइट ऑर्कुट को बंद करने वाला है। जिस तरह फेसबुक ने लोगों में अपनी एक खास जगह बना ली है, ऑर्कुट उसे पाने में असफल रहा और धीरे-धीरे करके लोगों से दूर ही होता चला गया। लोगों में ऑर्कुट के प्रति उत्साह न होने के कारण गूगल को भी इससे कोई खास फायदा नहीं हुआ, जिसके चलते अब गूगल ने इसे बंद करने का फैसला कर लिया है।


यह नेटवर्किंग साइट करीब 10 साल पहले लॉन्च हुई थी, लेकिन गूगल ब्रान्ड को सफलता की सीढ़ियां चढ़ाने में कामयाब नहीं रही। गूगल के द्वारा लॉन्च की गई यह सोशल नेटवर्किंग साइट सबसे अधिक भारत और ब्राजील के लोगों द्वारा ही इस्तेमाल की जाती है, लेकिन अब अपनी अन्य नेटवर्किंग सर्विसेस को अच्छा करने के लिए गूगल ने ऑर्कुट को बंद करने का फैसला किया है।


इंटरनेट की दुनिया के इस दिग्गज ने भले ही ही अन्य क्षेत्रों में अपना दबदबा बना रखा हो, लेकिन सोशल नेटवर्किंग के इसके सभी प्लान फेल हो गए हैं। अपना रिवेन्यू बढ़ाने के लिए गूगल ने जिस भी नेटवर्किंग साइट में पैसे लगाए, वहां से फायदा मिलने के बजाय सिर्फ नुकसान ही हुआ।


आइए जानते हैं गूगल की कुछ नेटवर्किंग साइट्स के बारे में, जिसमें गूगल को नहीं हुआ कोई फायदा-


ऑर्कुट (Orkut)
ऑर्कुट 2004 में लॉन्च हुई थी। उसी साल सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक भी लॉन्च हुई थी। इस समय फेसबुक 1.28 अरब यूजर्स के साथ दुनिया की नबंर-1 सोशल नेटवर्किंग साइट है। वहीं दूसरी ओर ऑर्कुट की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि गूगल ने इसे बंद करने का फैसला कर लिया है।
ऑर्कुट से उसके यूजर्स के बारे में पूछने पर गूगल की तरफ से इसके बारे में कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया गया। हालांकि, पिछले दशक में यूट्यूब, ब्लॉगर, गूगल प्लस जैसी सर्विसेस को पूरी दुनिया भर के लोगों ने खूब सराहा है। इन सबकी ग्रोथ ने ऑर्कुट की ग्रोथ को बहुत ही पीछे छोड़ दिया है।

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