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Tuesday, March 10, 2015

ब्‍लैक मनी: उदाहरण के तौर पर कहा था, हर व्‍यक्‍ति‍ को मि‍लेंगे 15 लाख

नई दि‍ल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावों के दौरान कहा था कि‍ अगर सारा ब्‍लैक मनी वापस आ जाए तो प्रत्‍येक नागरि‍क को 15 लाख रुपए मि‍लेंगे। इस बयान का बचाव करते हुए सरकार ने कहा कि‍ यह आंकड़ा एक ‘उदाहरण के तौर’ पर कहा गया है।
देश में काले धन को रोकने के लि‍ए केंद्र सरकार का रुख काफी सख्‍त हो गया है। वि‍त्‍त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को राज्‍यसभा में यह आश्‍वासन दि‍या कि‍ एचएसबीसी की सूची में जि‍न लोगों का नाम शामि‍ल है उनके खि‍लाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। प्रशनकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में जेटली ने कहा कि‍ स्‍वि‍स बैंक में 628 खाताधारकों के नाम सामने आए हैं। इसमें से कई मामलों में लोगों की पहचान हो गई है। टैक्‍स चोरी के इन मामलों में कुल आमदनी 3,250 करोड़ रुपए है। इसके अलावा, उन्‍होंने कहा कि‍ 77 आपराधि‍क मामलों को फाइल लि‍या जा चुका है।
जेटली ने कहा कि‍ अंतरराष्‍ट्रीय समझौतों के साथ-साथ सरकार हर संभव कदम उठा रही है। गैर कानून वि‍देशी खाताधारकों के खि‍लाफ जुर्माना लगाने से लेकर मुकदमा चलाने का काम सरकार कर रही है।
जब सदस्‍यों ने वि‍देशों में जमा काले धन की वास्‍तवि‍क राशि‍ के बारे में पूछा तो वि‍त्‍त मंत्री ने सवाल को टालते हुए कहा कि‍ वि‍भि‍न्‍न प्रकार से मूल्‍यांकन कि‍या जा रहा है और इसकी जानकारी सदन को दी जाएगी।
उन्‍होंने कहा कि‍ सुप्रीम कोर्ट द्वारा नि‍युक्‍त स्‍पेशल इंवेस्‍टि‍गेशन टीम (एसआईटी) मूल्‍यांकन प्रक्रि‍या पर काम कर रही है और राजस्‍व वि‍भाग इस टीम के साथ जुड़ी हुई है। वि‍त्‍त मंत्री ने कहा, ‘एसआईटी मासि‍क आधार पर मूल्‍यकांन कर रही है और इसकी रि‍पोर्ट सुप्रीम कोर्ट भेजी जा रही है।’
सरकार ने पूछा गया कि‍ एसआईटी द्वारा दि‍ए गए कि‍न सुझावों को अपनाया जा रहा है, तो उन्‍होंने कहा कि‍ काले धन के खि‍लाफ सख्‍त कदम उठाए गए हैं जि‍सकी घोषणा इस साल के बजट की गई। यह कदम मुख्‍य रूप से एसआईटी के सुझाव के आधार पर उठाए गए हैं।











बिल गेट्स के 12 फंडे, जिन्हें अपनाकर वो बन गए अरबपति

फोर्ब्स लिस्ट में माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व सीईओ और चेयरमैन बिल गेट्स को पहला स्थान मिला है।गेट्स 79.2 अरब डालर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। पिछले 21 साल में यह 16वीं बार है जब सॉफ्टवेयर दिग्गज इस लिस्ट में अव्वल रहे हैं। इस सूची में गेट्स के बाद मैक्सिको के कालरेस स्लिम हेलु दूसरे और चर्चित अमेरिकी निवेशक वॉरेन बफे तीसरे स्थान पर हैं।
आज हम आपको माइक्रोसॉफ्ट के ही पूर्व सीईओ और चेयरमैन बिल गेट्स के 12 फंडों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपना कर वह अरबपति बन गए।

तीन शब्दों में बिग गेट्स को समझें

बिल गेट्स ने अपने जीवन में कुछ उसूल बनाए और इन्हीं उसूलों ने उन्हें दुनिया के टॉप दौलतमंदों में शुमार कर दिया। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स को ज़ज्बा, तीव्रता और दृढ़ता जैसे तीन शब्दों से समझा जा सकता है। गेट्स चाहते थे कि सिस्टम ऐसा बनाया जाए जो अहम हो और लोगों को उनसे जुड़ने के लिए प्रेरित करे। उन्हें बेहतर तरीके से समझने के लिए ये सबक मददगार रहेंगे...

सबक-1: दुनिया को बदल डालो या घर पर बैठो

इससे समझ में आता है कि वे कैसे अपना जीवन निर्वहन करते हैं। दुनिया को और बेहतर बनाने के लिए काम करो। भले ही वह एक वर्जन, प्लेटफॉर्म, सिस्टम, आइडिया, रीज़न या इनोवेशन हो, इसे करना ही चाहिए। वे यह जानते हैं कि अपने प्रभाव को और प्रभावी तरह से कैसे इस्तेमाल करना है।

सबक-2: रास्ता बनाते चलो

हमेशा आपके लिए कोई रास्ता तैयार नहीं रहेगा। आपको कुछ तो करना ही होगा। कभी लोगों को यह भी लगेगा कि आप सनकी हैं। कई बार आपके कदम मंजिल के पास हो सकते हैं। गेट्स का मानना रहा है कि पर्सनल कम्प्यूटर हर टेबल, हर घर और हर लिविंग रुम में होना चाहिए। यह हमारे काम के तरीकों को बदल देगा।
सबक -3: अपना असर पैदा करो
वे प्रभाव के अनुसार ही अपना चयन करते रहे हैं। भले ही वह जज्बे की बात हो या किसी काम में लगने की। वे अपना प्रभाव जमा कर रहते हैं। कोई काम वे कर सकते हैं, सिर्फ इसीलिए काम नहीं करते हैं। वे इसलिए काम करते हैं, क्योंकि वह अहम है और वह इसे नए मुकाम पर ले जा सकते हैं।

सबक-4: मानवता का सबसे बड़ा लाभ समान धरातल पर रहने का है
बिल गेट्स का स्पष्ट मानना है कि जो भी लोग हैं, सब समान हैं। मदद उनकी की जानी चाहिए, जो खुद की मदद नहीं कर पाते हैं। सभी को जीवन में अवसर पाने का हक है, इसमें आ रहे अवरोधों को दूर करना चाहिए।
सबक-5: तत्काल जो जरूरी है उसे समझें
इस पर गौर करना चाहिए। दुनिया तेजी से बदल रही है। बाजार बदल चुके हैं। उनका मानना है कि सॉफ्टवेयर के व्यवसाय में जब तक आप कुछ समझ पाते हैं, तब तक देर हो चुकी होती है और आप संकट में घिर जाते हैं। तब खुद को बचा पाना मुश्किल हो जाता है। यदि पहले से चिंता नहीं करेंगे तो भागते ही रहेंगे।

सबक- 6: बाज़ार में हमेशा सही चीजें नहीं चलती हैं
बाजार के अनुसार वैज्ञानिक, कम्युनिकेटर्स, विचारक और मनीषी नहीं चलते हैं। इसके लिए सरकार को सही हालात बनाने होते हैं। केवल इन बातों पर ध्यान देकर और बुद्धिमान लोगों को जोड़कर वह प्रगति कर सकते हैं, जो हम चाहते हैं।
सबक-7: अपने आदर्शों के साथ जीवन बिताओ
जब भी दुनिया को आभास होगा कि आप क्या हैं, आप नजरों में आएंगे और इन्हीं मूल्यों के कारण लोग आपकी ओर आकर्षित हो सकेंगे। माइक्रोसॉफ्ट में बिल गेट्स ने ही लोगों को आकर्षित किया। जज्बा दुनिया को बदलने का था। इनके साथ जुड़ने वालों ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से जीवन को बेहतर बनाया।

सबक-8: अच्छा काम सही लोगों के साथ रहने से और बेहतर हो सकता है
बिल गेट्स ने ऐसा कल्चर बनाया कि बेहतर और साफ चरित्र वाले लोग जुड़ते रहे। आसपास अच्छे लोग थे, इसलिए वह ऊपर उठ सके।
सबक-9: हर तरह के व्यवसाय में इनोवेशन दिल और आत्मा होता है
खेल में आगे रहने के लिए या फिर खेल में बने रहने के लिए आपको इनोवेशन जारी रखने पड़ेंगे। अपने प्रोडक्ट में इनोवेशन करें। प्रोसेस, मार्केट आदि सभी में इसे लागू करें। बिल गेट्स हमेशा इनोवेशन को अपने प्रभाव को कायम करने के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं।

सबक-10: ऐसा मंच बने, जहां लोग आगे बढ़ सकें
किसी चीज़ को बनाने में अपनी भूमिका देखें और जानें कि आप क्या बेहतर कर सकते हैं।
सबक-11: हमेशा नया सिस्टम बनाने की सोचें
छोटे और बड़े स्तर पर सिस्टम बनाएं। इसमें इनपुट और आउटपुट दोनों होते हैं। आप तब बहुत प्रभावी हो जाते हैं, जब आपको पता लगता है कि कोई सिस्टम है, जो काम कर रहा है।
सबक-12: एक्शन लेना बेहद जरूरी
किसी चीज़ की धुन को कैसे अमल में लाएं, इसके लिए जरूरी है एक्शन लें। विचार कई लोगों के पास होते हैं, सही अंतर अमल में लाने का होता है।

बारकोड हुआ 40 साल का, एक फ्रूट गम को मिला था पहला पहचान नंबर

नई दिल्ली. क्या आपने कभी कोई प्रोडक्ट खरीदने से पहले उसके पीछे बनी काली मोटी-पतली रेखाओं को ध्यान से देखा है। आपको बता दें, इसे बारकोड कहा जाता है, जिसमें उस प्रोडक्ट की सारी जानकारी छिपी होती है।
आज बारकोड 40 साल का हो गया है। रिग्ले का जूसी फ्रूट गम का 10 यूनिट का पैक 26 जून 1974 में पहली बार बारकोड स्कैन किया गया था। आज भी इसका असली पैक म्यूजियम में रखा गया है।
बारकोड से होते हैं ये फायदे

-बहुत तेजी से बिकने वाले प्रोडक्ट जल्दी से पहचाने जा सकते हैं और ऑटोमेटिक तरीके से रिकॉर्ड किए जा सकते हैं।
-जब भी कोई मैन्युफैक्चरर एक प्रोडक्ट को शिपमेंट के लिए पैक करता है तो उस बॉक्स को एक यूनीक आईडेंटिटी नंबर दे सकता है।
-इस आईडेंटिटी नंबर का प्रयोग डेटाबेस के साथ लिंक करने में किया जाता है, जिसमें ऑर्डर नंबर, पैक किए गए आइटम, कितनी मात्रा पैक की गई है और सामान कहां भेजा जाना है,ये सारी जानकारियां होती हैं।
-बारकोड का इस्तेमाल करके एकत्र किया गया डेटा किसी प्रोडक्ट की डिमांड का पता लगाने में किया जा सकता है।

कहां से आया बारकोड का आइडिया
वैलेन्स फ्लिंट (Wallance Flint) वह पहले इंसान थे, जिन्होंने 1932 में पहली बार एक ऐसे सिस्टम की बात की जो चीजों को ऑटोमेटेड तरीके से चेक करे। फ्लिन्ट का यह आइडिया उस समय मुमकिन नहीं लगा, लेकिन 40 साल बाद फ्लिन्ट ने नेशनल एसोसिएशन ऑफ फूड चेन्स के वाइस प्रेसिडेंट की तरह एक बार फिर कोशिश की, जिससे यूनीफॉर्म प्रोडक्ट कोड सामने आया।

नॉर्मेन जोसेफ वुडलैंड और बर्नार्ड सिल्वर को 20 अक्टूबर 1949 में बारकोड के आविष्कार का श्रेय जाता है, जिन्होंने एक पेटेंट एप्लिकेशन सीरियल नंबर 122,416 फाइल किया था, जो बाद में पेटेंट नंबर 2,612,994 बना। इस तरह वुडलैंड और सिल्वर ने इस कॉन्सेप्ट के सिंबल और रीडर पर अपना अधिकार बनाया है। 1974 में पहली बार एक सुपरमार्केट में यूपीसी बारकोड को वास्तव में इस्तेमाल में लाया गया।

जानिए, किस तरह एक के बाद एक गूगल के नेटवर्किंग IDEA हुए FAIL

गूगल नेटवर्क 30 सितंबर को अपनी सोशल नेटवर्किंग साइट ऑर्कुट को बंद करने वाला है। जिस तरह फेसबुक ने लोगों में अपनी एक खास जगह बना ली है, ऑर्कुट उसे पाने में असफल रहा और धीरे-धीरे करके लोगों से दूर ही होता चला गया। लोगों में ऑर्कुट के प्रति उत्साह न होने के कारण गूगल को भी इससे कोई खास फायदा नहीं हुआ, जिसके चलते अब गूगल ने इसे बंद करने का फैसला कर लिया है।


यह नेटवर्किंग साइट करीब 10 साल पहले लॉन्च हुई थी, लेकिन गूगल ब्रान्ड को सफलता की सीढ़ियां चढ़ाने में कामयाब नहीं रही। गूगल के द्वारा लॉन्च की गई यह सोशल नेटवर्किंग साइट सबसे अधिक भारत और ब्राजील के लोगों द्वारा ही इस्तेमाल की जाती है, लेकिन अब अपनी अन्य नेटवर्किंग सर्विसेस को अच्छा करने के लिए गूगल ने ऑर्कुट को बंद करने का फैसला किया है।


इंटरनेट की दुनिया के इस दिग्गज ने भले ही ही अन्य क्षेत्रों में अपना दबदबा बना रखा हो, लेकिन सोशल नेटवर्किंग के इसके सभी प्लान फेल हो गए हैं। अपना रिवेन्यू बढ़ाने के लिए गूगल ने जिस भी नेटवर्किंग साइट में पैसे लगाए, वहां से फायदा मिलने के बजाय सिर्फ नुकसान ही हुआ।


आइए जानते हैं गूगल की कुछ नेटवर्किंग साइट्स के बारे में, जिसमें गूगल को नहीं हुआ कोई फायदा-


ऑर्कुट (Orkut)
ऑर्कुट 2004 में लॉन्च हुई थी। उसी साल सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक भी लॉन्च हुई थी। इस समय फेसबुक 1.28 अरब यूजर्स के साथ दुनिया की नबंर-1 सोशल नेटवर्किंग साइट है। वहीं दूसरी ओर ऑर्कुट की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि गूगल ने इसे बंद करने का फैसला कर लिया है।
ऑर्कुट से उसके यूजर्स के बारे में पूछने पर गूगल की तरफ से इसके बारे में कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया गया। हालांकि, पिछले दशक में यूट्यूब, ब्लॉगर, गूगल प्लस जैसी सर्विसेस को पूरी दुनिया भर के लोगों ने खूब सराहा है। इन सबकी ग्रोथ ने ऑर्कुट की ग्रोथ को बहुत ही पीछे छोड़ दिया है।

जानिए, कैसे महिलाओं की लिपस्टिक से पता चल जाती है किसी देश की हालत

नई दिल्ली. हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान दौरे पर गए थे। भूटान दुनिया में इकलौता देश है, जिसके विकास का पैमाना ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस इंडेक्स (जीएनएच) है। इसका मतलब हुआ देश में जितनी खुशी, उतना विकास। आज हम आपको ऐसे ही कुछ और इंडेक्स के बारे में बताएंगे, जिनके बारे में शायद आपने पहले नहीं सुना होगा।

आइए जानते हैं इन सूचकांकों के बारे में-

लिपस्टिक सूचकांक
हाल ही में प्रसिद्ध हुए सूचकांकों में से एक लिपस्टिक सूचकांक है, जिसकी मदद से आर्थिक मंदी का पता लगाया जाता है। कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि आर्थिक हालात बेहतर होने पर महिलाएं ज्यादा कपड़े खरीदती हैं, जबकि इसकी तुलना में मंदी में महिलाएं लिपस्टिक ज्यादा खरीदती हैं। किसी अर्थव्यवस्था में लिपस्टिक की बिक्री से माध्यम से लंबे समय की मंदी का अनुमान लगाया जा सकता है।

मंदी में महिलाओं का लिपस्टिक पर होता है अधिक खर्च

मुश्किल हालात में महिलाएं ज्यादा आकर्षक दिखने के लिए लिपस्टिक पर अधिक पैसे खर्च करने लगती हैं। यह देखा गया है कि ऐसे वक्त में महिलाओं की दिलचस्पी कपड़े, जूते, पर्स आदि से घटकर लिपस्टिक की तरफ मुड़ जाती है। मंदी की स्थिति में जहां एक ओर हर प्रोडक्ट की सेल घटती है, वहीं दूसरी ओर लिपस्टिक की सेल बढ़ने लगती है।

1990 के दशक में बना था ये इंडेक्स

महिलाओं के इस व्यवहार को देखते हुए 1990 के दशक में एसटी लाउडर के चेयरमैन लियोनार्ड लाउडर ने एक इंडेक्स बनाया था, जो ऐसी स्थिति में इकोनॉमिक हेल्थ के इंडिकेटर की तरह काम करता है।

List of players sold and unsold in IPL 2015 auction

Players sold
M Vijay - Kings XI Punjab - Rs 3 crore

Angelo Mathews - Delhi Daredevils - Rs 7.5 crores
Kane Williamson - Sunrisers Hyderabad - Rs 60 lakh

Yuvraj Singh - Delhi Daredevils - Rs 16 crore
Kevin Pietersen - Sunrisers Hyderabad - Rs 2 crore

Dinesh Karthik - Royal Challengers Bangalore - Rs 10.5 crore
Amit Mishra - Delhi Daredevils - Rs 3.5 crore

Aaron Finch - Mumbai Indians - Rs 3.2 crore

Eoin Morgan - Sunrisers Hyderabad - Rs 1.5 crore

S Badrinath - Royal Challengers Bangalore - Rs 30 lakh

Michael Hussey - Chennai Super Kings - Rs 1.50 crore

James Neesham - Kolkata Knight Riders - Rs 50 lakh

Ravi Bopara - Sunrisers Hyderabad - Rs 1 crore

Chris Morris - Rajasthan Royals - Rs 1.4 crore

Darren Sammy - Royal Challengers Bangalore - Rs 2.8 crore

Laxmi Shukla - Sunrisers Hyderabad - Rs 30 lakh

Praveen Kumar - Sunrisers Hyderabad - Rs 2.2 crore

Trent Boult - Sunrisers Hyderabad - Rs 3.8 crores

Jaydev Unadkat - Delhi Daredevils - Rs 1.1 crore

Sean Abbott - Royal Challengers Bangalore - Rs 1 crore

Adam Milne - Royal Challengers Bangalore - Rs 70 lakh

Pragyan Ojha - Mumbai Indians - Rs 50 lakh

Rahul Sharma - Chennai Super Kings - Rs 30 lakh

Brad Hogg - Kolkata Knight Riders - Rs 50 lakh

David Wiese - Royal Challengers Bangalore - Rs 2.8 crores

Mitchell McClenaghan - Mumbai Indians - Rs 30 lakh

Kyle Abbott - Chennai Super Kings - Rs 30 lakh

Gurinder Sandhu - Delhi Daredevils - Rs 1.7 crore

Shreyas Iyer - Delhi Daredevils - Rs 2.6 crore

Hanuma Vihari - Sunrisers Hyderabad - Rs 10 lakh

Sarfaraz Khan - Royal Challengers Bangalore - Rs 50 lakh

CM Gautam - Delhi Daredevils - Rs 20 lakh

Nikhil Naik - Kings XI Punjab - Rs 30 lakh

Aditya Garhwal - Kolkata Knight Riders - Rs 25 lakh

Sumit Narwal - Kolkata Knight Riders - Rs 10 lakh

Jalaj Saxena - Royal Challengers Bangalore - Rs 10 lakh

Domnic Joseph - Delhi Daredevils - Rs 75 lakh

Akshay Wakhare - Mumbai Indians - Rs 10 lakh

KC Cariappa - Kolkata Knight Riders - Rs 2.4 crore

Sheldon Jackson - Kolkata Knight Riders - Rs 15 lakh

Ankush Bains - Chennai Super Kings - Rs 10 lakhs

Shishir Bhavane - Royal Challengers Bangalore - Rs 10 lakh

Travis Head - Delhi Daredevils - Rs 30 lakh

Srikar Bharat - Delhi Daredevils - Rs 10 lakh

Irfan Pathan - Chennai Super Kings - Rs 1.5 crore

Albie Morkel - Delhi Daredevil - Rs 30 lakh

Nitish Rana - Mumbai Indians - Rs 10 lakh

Pardeep Sahu - Rajasthan Royals - Rs 10 lakh

Siddhesh Lad - Mumbai Indians - Rs 10 lakh

Vaibhav Rawal - Kolkata Knight Riders - Rs 10 lakh

Marcus Stoinis - Delhi Daredevils - Rs 25 lakh

J Suchith - Mumbai Indians - Rs 10 lakh

Padmanabhan Prasanth - Sunrisers Hyderabad - Rs 10 lakh

Dinesh Salunkhe - Rajasthan Royals - Rs 10 lakh

Pratyush Singh - Chennai Super Kings - Rs 10 lakh

Yogesh Golwalkar - Kings XI Punjab - Rs 10 lakh

Zaheer Khan - Delhi Daredevils - Rs 4 crore

Abhimanyu Mithun - Mumbai Indians - Rs 30 lakh

Siddarth Kaul - Sunrisers Hyderabad - Rs 10 lakh

Andrew Tye - Chennai Super Kings - Rs 20 lakh

Brainder Sran - Rajasthan Royals - Rs 10 lakh

KK Jiyaz - Delhi Daredevils - Rs 10 lakh

Rusty Theron - Rajasthan Royals - Rs 30 lakh

Aiden Blizzard - Mumbai Indians - Rs 30 lakh

Eklavya Dwivedi - Chennai Super Kings - Rs 10 lakh

Sagar Trivedi - Rajasthan Royals - Rs 10 lakh

Players unsold
Hashim Amla

Kumar Sangakkara

Mahela Jayawardene

Brad Hodge

Ross Taylor

Alex Hales

Cameron White

Cheteshwar Pujara

Michael Carberry

Matthew Wade

Luke Ronchi

Morne van Wyk

Kusal Perera

Denesh Ramdin

Brendan Taylor

Marlon Samuels

Tillakaratne Dilshan

Wayne Parnell

Pankaj Singh

Munaf Patel

Ben Hilfenhaus

Nathan Lyon

Michael Beer

Ajantha Mendis

Cameron Boyce

Akila Dananjaya

Dean Elgar

Hamish Rutherford

Richard Levi

Venugopal Rao

Darren Bravo

Lahiru Thirimanne

Abhinav Mukund

Callum Ferguson

Nathan McCullum

Jeevan Mendis

Sachithra Senanayake

Johan Botha

Azhar Mahmood

Robin Peterson

David Hussey

Sheldon Cottrell

Ravi Rampaul

Doug Bollinger

Ben Laughlin

Lakshmipathy Balaji

RP Singh

Suraj Randiv

Farveez Maharoof

Farhaan Behardien

Joginder Sharma

Jonathan Carter

Nathan Reardon

Doug Bracewell

Grant Elliott

Anton Devcich

Thilan Thushara

Lonwabo Tsotsobe

Suranga Lakmal

Sudeep Tyagi

Shaun Tait

Dirk Nannes

Nuwan Kulasekara

Hamish Bennett

Peter Siddle

Dhammika Prasad

Krishmar Santokie

Ashton Agar

Seekkuge Prasanna

Carlos Brathwaite

Roelof van der Merwe

Vaughn van Jaarsveld

Elton Chigumbura

Justin Ontong

Chris Barnwell

Mohnish Mishra

Debabrata Das

Yogesh Nagar

Paras Dogra

Davy Jacobs

Dhiraj Goswami

Arun Karthik

Smit Patel

Sushant Marathe

Jesal Karia

Ram Dayal

Kevon Cooper

Shrikant Mundhe

Ashok Menaria

Robbie Frylinck

Kevin O'Brien

Basil Thampi

Krishnakant Upadhyay

S Aravind

HS Sharath

Rahul Shukla

Amit Mishra

Pradeep Sangwan

Ali Murtaza

Mihir Hirwani

Sarabjit Ladda

Shadab Jakati

Bhargav Bhatt

Rahil Shah

Tirumalasetti Suman

Manpreet Juneja

Michael Klinger

Taruwar Kohli

Ankit Bawne

Akhil Herwadkar

Prashant Naik

Sujit Nayak

Prashant Chopra

Nikhil Gangta

Craig Simmons

Arjit Gupta

Robin Bist

Praful Waghela

Rush Kalaria

Harpreet Singh

Akash Bhandari

Sunil Raju

Gurinder Singh

Rohit Dahiya

S Purkayastha

Kshitiz Sharma

B Indrajith

Hardik Pandya

Varun Sood

Paul Valthaty

Krunal Pandya

Raiphi Gomez

Ankit Kushwah

Ankit Shastri

Avinash Yadav

Vinay Choudhary

A Choudhary

Prasanth Parameswaran

Vikas Tokas

Yuvraj Chudasama

Gurvinder Singh

Rajwinder Singh

PG Dake

Umar Nazir

Samad Fallah

Ishwar Chaudhary

Kshemal Waingankar

Pankaj Jaiswal

Jaskaran Singh

Navdeep Poonia

Joel Paris

12 रुपए में दुर्घटना बीमा के लिए नियम तय, ऐसे पा सकते हैं 2 लाख रु. तक का कवर

कौन सी कंपनी चलाएगी स्कीम

वित्त मंत्रालय के अनुसार दुर्घटना बीमा स्कीम को चारों सरकारी साधारण बीमा कंपनियां लागू करेंगी। इसके अलावा अगर कोई निजी बीमा कंपनी भी स्कीम का हिस्सा बनना चाहती हैं, तो वह भी स्कीम को चला सकेगी। अभी न्यू इंडिया इश्योरेंस कंपनी, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी,नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियां हैं।
सरकार के विभिन्न मंत्रालय करेंगे हिस्सेदारी
बीमा धारक द्वारा 12 रुपए देने के अलावा सरकार के विभिन्न मंत्रालय भी बीमा कंपनियों को प्रीमियम राशि का भुगतान करेंगे। जो कि अनक्लेम जमाओं से तैयार हुए पब्लिक वेलफेयर फंड और दूसरे स्रोतों से दिया जाएगा। कौन सा मंत्रालय कितनी राशि प्रीमियम में देगा, इसका आवंटन हर साल तय किया जाएगा।

Monday, March 9, 2015

चाणक्य नीति: इन 3 लोगों का भला करने पर भी आपको दुख ही मिलेगा

उज्जैन। आमतौर पर हमारी यही भावना रहती है कि अन्य लोगों का भला करने पर हमारा भी भला होता है, लेकिन  ऐसा नहीं है। आचार्य चाणक्य ने एक नीति में तीन ऐसे लोग बताए हैं, जिनका भला करने पर भी हमें दुख मिलने की संभावनाएं काफी अधिक होती हैं। चाणक्य की इस नीति के अनुसार इन तीनों लोगों से दूर रहने में ही हमारा लाभ रहता है।
 
चाणक्य कहते हैं-

मूर्खाशिष्योपदेशेन दुष्टास्त्रीभरणेन च।
दु:खिते सम्प्रयोगेण पंडितोऽप्यवसीदति।।
 
मूर्खाशिष्योपदेशेन यानी मूर्ख शिष्य को उपदेश देना
 
आचार्य ने श्लोक में बताया है कि यदि कोई स्त्री या पुरुष मूर्ख है तो उसे ज्ञान या उपदेश नहीं देना चाहिए। हम मूर्ख को ज्ञान देकर उसका भला करना चाहते हैं, लेकिन मूर्ख व्यक्ति इस बात को समझता नहीं है। बुद्धिहीन लोग ज्ञान की बातों में भी व्यर्थ तर्क-वितर्क करते हैं, जिससे हमारा ही समय फिजूल खर्च होता है। मूर्ख इंसान को समझाने पर हमें ही मानसिक तनाव झेलना पड़ता है। अत: ऐसे लोगों से दूर ही रहना चाहिए।
 
दुष्टास्त्रीभरणेन यानी दुष्ट स्वभाव की स्त्री का भरण-पोषण करना
यदि कोई स्त्री चरित्रहीन है, कर्कशा है, दुष्ट यानी बुरे स्वभाव वाली है तो उसका भरण-पोषण करने वाले पुरुष को कभी भी सुख प्राप्त नहीं होता है। ऐसी स्त्री को सिर्फ धन से मोह होता है। सज्जन पुरुष यदि ऐसी स्त्रियों के संपर्क में रहेंगे तो समाज और घर-परिवार में उन्हें अपयश ही प्राप्त होता है। जो स्त्री धर्म के पथ से भटक जाती है, वह स्वयं तो पाप करती है साथ ही दूसरों को भी पाप का भागी बना लेती है। अत: सज्जन पुरुष को इस प्रकार की स्त्रियों से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं रखना चाहिए।
 
जो व्यक्ति सदैव अकारण दुखी रहता है उससे भी दूर रहना चाहिए
आचार्य कहते हैं कि जो लोग भगवान के दिए हुए संसाधनों और सुखों से संतुष्ट न होकर सदैव विलाप करते हैं, दुखी रहते हैं, उनके साथ रहने पर हमें भी दुख ही प्राप्त होता है। समझदार इंसान को जो मिल जाता है, वह उसी में संतोष प्राप्त कर लेता है और प्रसन्न रहता है। अकारण दुखी रहने वाले लोग, दूसरों के सुख से भी ईर्ष्या का भाव रखते हैं और उन्हें कोसते रहते हैं। स्वयं कुछ प्रयत्न नहीं करते हैं और दुखी बन रहते हैं। इस प्रकार ईर्ष्या भाव रखने वाले और अकारण ही सदैव दुखी रहने वाले लोगों से दूर रहने में ही हमारी भलाई होती है।

एल्कोहल के गरारे करने से मसूड़ों का दर्द होता है दूर, जानें 10 Dental care tips

लाइफइस्टाइल डेस्क: हर इंसान उम्र के किसी न किसी पडाव में दंतरोगों से सामना जरूर करता है। दांतों की समस्याओं के निपटारे के लिए यूं तो बाजार में अनेक दवाइयां उपलब्ध हैं, लेकिन केमिकल दवाओं के दुष्प्रभावों से अक्सर लेने के देने पड़ जाते हैं। प्राचीनकाल के आयुर्वेदिक ग्रंथों में भी हर्बल उपचार द्वारा दांतों की समस्याओं के निपटारे के लिए अनेक नुस्खों का जिक्र किया गया है। सुदूर ग्रामीण अंचलों में आज भी आदिवासी हर्बल नुस्खों का उपयोग कर अपनी दांतों की बीमारियों का इलाज करते हैं। चलिए, आज जानते हैं दंतरोगों के लिए आदिवासियों द्वारा आजमाए जाने वाले कुछ चुनिंदा 10 हर्बल नुस्खों के बारे में।
दंतरोगों के निवारण के संदर्भ में रोचक जानकारियों और परंपरागत हर्बल ज्ञान का जिक्र कर रहे हैं डॉ. दीपक आचार्य (डायरेक्टर-अभुमका हर्बल प्रा. लि. अहमदाबाद)। डॉ. आचार्य पिछले 15 सालों से अधिक समय से भारत के सुदूर आदिवासी अंचलों जैसे पातालकोट (मध्य प्रदेश), डांग (गुजरात) और अरावली (राजस्थान) से आदिवासियों के पारंपरिक ज्ञान को एकत्रित कर उन्हें आधुनिक विज्ञान की मदद से प्रमाणित करने का कार्य कर रहे हैं।
दारू और नकछिकनी
1-मसूड़ों को मजबूत बनाने के लिए आदिवासी दारू और हल्दी का काढ़ा बनाकर उससे गरारे करते हैं। ऐसा करने से दांतों के दर्द से राहत मिलती है।
2-दांतों में अधिक दर्द होने पर नकछिकनी को पीसकर लेप तैयार कर गुनगुना करके उससे कुल्ला कर थूक देने और गालों की सिंकाई करने से दांतों का दर्द जल्दी खत्म होता है।

अनार और काली मिर्च का उपयोग
3-अनार के फूल छाया में सुखाकर बारीक पीस कर मंजन की तरह दिन में 2 से 3 बार इस्तेमाल किया जाए तो दांतों से खून आना बंद हो जाता है और दांत मजबूत हो जाते हैं।
4- दांतों के दर्द में काली मिर्च के काढ़े से कुल्ला करने से फायदा होता है। पातालकोट के हर्बल जानकारों के अनुसार, प्रतिदिन रोज सुबह खाली पेट ऐसा करने से दंतरोग होने की संभावनाएं लगभग शून्य हो जाती हैं।

गिलोए और गुंदा की छाल
5- पातालकोट के आदिवासी मानते हैं कि गिलोय के तने और बबूल की फलियों के चूर्ण की समान मात्रा सुबह-शाम मंजन की तरह उपयोग में लायी जाए तो दांतों को ठंड या कनकनी लगनी बंद हो जाती है।
6- गुंदा की छाल की लगभग 200 ग्राम मात्रा लेकर इतनी ही मात्रा पानी में उबाल कर जब यह एक-चौथाई बच जाए तो इससे कुल्ला करने से मसूडों की सूजन, दांतों का दर्द और मुंह के छालों में आराम मिल जाता है। 

पत्तागोभी, बरगद की छाल और महुआ का उपयोग
7- पत्तागोभी का रस लगभग 75 मिली प्रतिदिन लेने से दांतों से संबंधित रोग और पायरिया आदि में लाभ होता है। इसका सलाद बनाकर खाने से भी इन सभी विकारों के में फ़ायदा होता है।
8-लगभग 10 ग्राम बरगद की छाल, कत्था और 2 ग्राम काली मिर्च को बारीक पीसकर चूर्ण बनाकर मंजन करने से दांतों का हिलना बंद हो जाता है। इससे सांसों की बदबू भी दूर हो जाती है। लगातार इस मंजन का उपयोग करने से दांत मोती की तरह चमकने लगते हैं। 

9-पातालकोट के आदिवासी महुआ की टहनियों का इस्तेमाल दातून के रूप में करते हैं। उनके अनुसार, ऐसा करने से दांत मजबूत होते हैं और मसूडों से खून आना बंद हो जाता है।
10-डांग- गुजरात के आदिवासी अनंतमूल के पत्तों का उपयोग दंतरोगों को दूर करने के लिए करते हैं। माना जाता है कि अनंतमूल के पत्तों को दांतों के बीच दबा लिया जाए तो यह दांत दर्द खींच लेता है।

ISIS ने हैक की हरियाणा सरकार की वेबसाइट, होम पेज पर लगा दिया संगठन का झंडा

नई दिल्ली. खौफनाक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) ने हरियाणा सरकार की वेबसाइट हैक कर ली है। ऐसा पहली बार हुआ है कि अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य पश्चिमी देशों को निशाना बनाने वाले ISIS ने भारत के खिलाफ कोई गतिविधि की है। ISIS ने हरियाणा शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की वेबसाइट हैक कर ली।
वेबसाइट State Center for Education Research and Training (SCERT) हैकिंग की घटना के बाद गुड़गांव में सरकार की ओर से एक एफआईआर दर्ज करा दी गई है। सूत्रों के मुताबिक रविवार सुबह आतंकी संगठन ने वेबसाइट को हैक किया था लेकिन देर दोपहर तक हरियाणा सरकार के अधिकारी इससे अनजान थे।
वेबसाइट की होमपेज पर लिखा संदेश-''हम लोग सभी जगह हैं''
जानकारी के मुताबिक आईएस के हैकरों ने
हरियाणा सरकार की वेबसाइट को हैक कर होमपेज पर संगठन का झंडा अपलोड कर दिया था। आईएस ने वेबसाइट के होम पेज पर संदेश लिखा था, ''हम लोग सभी जगह हैं।'' हैकिंग के बाद सरकार वेबसाइट का मेंटेनेंश करा रही है। बता दें कि गुड़गांव में ही कई आईटी कंपनियों के मुख्यालय हैं और आईएसआईएस की यहां तक पहुंच सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए चिंता का विषय बन गई है। गुड़गांव के पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह विर्क ने कहा, ''एससीईआरटी की वेबसाइट हैक करने की सूचना मिली है। अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन के साइबर अटैक होने की आशंका को देखते हुए साइबर सेल के विशेषज्ञों को जांच में लगा दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।''

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