https://www.luminouseshop.com

https://www.luminouseshop.com

Luminouseshop Offers Inverter's Battery, Fan, LED Fan, Solar Pannel and more At Wholesale Price With Free Shipping - Cash On Delivery

https://www.luminouseshop.com

Friday, July 3, 2015

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दक्षिणपंथी संगठनों से जान का खतरा, खुफिया एजेंसियों का अलर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जान को खतरे की खबर है. दिल्ली पुलिस के खुफिया दस्तावेजों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी को पहली बार कट्टर दक्षिणपंथी संगठनों से जान का खतरा है.

दस्तावेजों में मोदी की ओर से मुस्लिमों को आकर्षित करने से दक्षिणपंथी संगठनों की नाराजगी बताई गई है. खुफिया एजेंसियों ने पुलिस को इस बाबत अलर्ट जारी किया है. आज तक के पास खुफिया अलर्ट की कॉपी है. दिल्ली पुलिस के इन दस्तावेजों के मुताबिक, इंटरनेशनल योग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए गए थे.





40 आतंकवादी संगठनों से मिल चुकी है मोदी को धमकी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक 40 आतंकी संगठनों से जान से मारने की धमकी मिल चुकी है. इनमें नक्सल समर्थक, नॉर्थ ईस्ट, आतंकियों और अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग शामिल हैं. लेकिन दक्षिणपंथी संगठनों से जान से जान का खतरा मोदी की सुरक्षा में लगी एजेंसियों के लिए चौकाने वाली बात है.


मुस्लिमों को लुभाने का आरोप 

इन दस्तावेजों में दक्षिणपंथी संगठनों की नाराजगी की वजह गुजरात दंगों में कुछ दक्षिणपंथी नेताओं को सजा दिए जाना बताया गया है. इसके साथ ही मोदी पर मुस्लिमों को लुभाने से भी संगठनों ने नाराजगी जताई गई है. खुफिया एजेंसियों के अलर्ट के बाद दिल्ली पुलिस SOP गाइड तैयार कर रही है.












अब फेसबुक से आप भी कमा सकेंगे पैसे

फेसबुक पर ओरिजनल वीडियो अपलोड करने वालों के लिए अच्छी खबर है. वे अब इससे कमाई भी कर सकते हैं. जी हां, फेसबुक अब एक नया फीचर जोड़ने जा रहा है.

इसके तहत अगर आप अपनी टाइमलाइन या फेसबुक पेज पर कोई वीडियो अपलोड करते हैं तो फेसबुक उस पर एड चलाएगा और इससे होने वाली आमदनी को आपके साथ शेयर भी करेगा. हां, वीडियो ओरिजनल होना चाहिए और उस पर किसी का कॉपीराइट नहीं होना चाहिए. आपको बता दें कि भारत में फेसबुक का इस्‍तेमाल करने वालों की संख्या 12 करोड़ से ज्यादा है .

फेसबुक का नया फीचर 'सजेस्टेड वीडियो' फिलहाल आईफोन पर टेस्ट किया जा रहा है. इसका फायदा कंटेट क्रिएटर और मीडिया हाउस को भी होगा. इसका रेवन्यू मॉडल वैसा ही है जैसा कि यूट्यूब का है. फेसबुक के अनुसार 10 सेकेंड्स या उससे ज्यादा समय तक एड देखने पर ही विज्ञापन देने वाले से चार्ज किया जाएगा. यानी कि किसी वीडियो एड पर रेवन्यू तभी जनरेट होगा जब कोई सर्फर उस एड को कम से कम 10 सेकेंड्स तक देखेगा.

इस फीचर के लाइव होने के बाद आपको अपनी न्‍यूज फीड पर सजेस्‍टेड वीडियो फीड दिखाई देगी. आप जिस वीडियो को क्लिक करेंगे फेसबुक उससे संबंधित दूसरे वीडियोज़ भी आपको सजेस्‍ट करेगा. यही नहीं फेसबुक अपनी न्यूज फीड एल्‍गोरिदम में बदलाव कर रहा है. इससे सर्फर अपनी फीड में वीडियो देख सकेगा और उसे अपने अनुसार फीड में सहेज भी सकेगा.

बहरहाल, फेसबुक अपने वीडियो एड से हासिल रेवन्यू का 55 फीसदी इसके कंटेट क्रिएटर के साथ शेयर करेगा. अभी फेसबुक ने इस बाबत एनबीए, फॉक्स स्पोर्ट, टेस्टमेड एवं फनी और डाइ के साथ पार्टनरशिप की है.


आपको बता दें कि सबसे पहले यूट्यूब ने वीडियो पर एड देने शुरू किए थे. वीडियो अपलोड करने के मामले में यूट्यूब इस वक्‍त दुनिया की नंबर वन सोशल मीडिया साइट है. जाहिर है फेसबुक के इस कदम से अब उसे कड़ी टक्‍कर मिल सकती है.

अभी फेसबुक को सबसे ज्‍यादा रेवन्यू मोबाइल से मिल रहा है और इसमें और तेजी आने की संभावना है. एक स्वतंत्र रिसर्च कंपनी के अनुमान की मानें तो इस साल फेसबुक को पूरी दुनिया से होने वाली आमदनी में से 73 फीसदी यानी 70 हजार करोड़ रुपये (10.90 बिलियन डॉलर) सिर्फ मोबाइल एड के जरिए हासिल होंगे. मोबाइल पर फेसबुक एप्लीकेशन किसी दूसरे एप्प की तुलना में काफी सफल है.










Film Review: हंसी-ठहाकों से भरपूर है 'गुड्डू रंगीला'


फिल्म: गुड्डू रंगीला

डायरेक्टर: सुभाष कपूर 
स्टार कास्ट: अरशद वारसी, अमित साध, अदिति राव हैदरी, रोनित रॉय और अमित सयाल 
अवधि: 124 मिनट 
सर्टिफिकेट: U/A 
रेटिंग: 3.5 स्टार




डायरेक्टर सुभाष कपूर ने नेशनल अवार्ड विनिंग फिल्म जॉली एलएलबी के साथ साथ फंस गए रे ओबामा जैसी फिल्में भी बनाई हैं और इस बार भी एक कॉमेडी ड्रामा वाली फिल्म 'गुड्डू रंगीला' लेकर आए हैं.

कहानी
गुड्डू (अमित साध) और रंगीला (अरशद वारसी) चचेरे भाई हैं जो लोकल ऑर्केस्ट्रा चलाते हैं और इसी बिजनेस के दौरान मुखबिर का भी काम करते हैं. गुड्डू का स्वभाव काफी रंगीन है लेकिन रंगीला उस गांव के लोकल राजनेता बिल्लू (रोनित रॉय) के खिलाफ कोर्ट केस में शामिल है क्योंकि रंगीला को लगता है कि बिल्लू ने उसकी पत्नी बबली की हत्या की है. फिर गुड्डू रंगीला को कुछ बदमाश जल्दी पैसा कमाने के लिए बेबी (अदिति राव हैदरी) का अपहरण करने के लिए कहते हैं और इस चक्कर में इन दोनों की दुश्मनी बिल्लू से बढ़ जाती है क्योंकि बेबी असल में बिल्लू की साली है. इसके बाद भागदौड़ का सिलसिला शुरू हो जाता है, गुड्डू रंगीला के पीछे बिल्लू लग जाता है और कहानी बढ़ती जाती है.


स्क्रिप्ट और एक्टिंग
स्क्रिप्ट के मामले में सुभाष ने काफी ध्यान रखा है और कहानी को कट टू कट और क्रिस्प दिखाने का भरसक प्रयास किया है. इस फिल्म की खासियत बिल्लू, बेबी, बबली, गुड्डू, रंगीला जैसे किरदारों के नामों में भी है. सुभाष ने 'ऑनर किलिंग' जैसे एक अहम मुद्दे की तरफ भी सबका ध्यान उठाया है.अरशद ने अपने रंगीला किरदार के साथ पूरा न्याय किया है, वहीं अदिति राव हैदरी और अमित साध की परफॉर्मेंस भी संतोषजनक रही है. रोनित रॉय ने बाहुबली का किरदार सही निभाया है. अंततः इस फिल्म का हीरो इसकी स्क्रिप्ट है. फिल्म की कास्टिंग को भी पूरे नंबर दिए जाते हैं. फिल्म के कुछ ऐसे वन लाइनर्स हैं जिनके आने पर आप ठहाके मार-मार के हंसने लगेंगे. फिल्म का संगीत भी पहले से चर्चा में है. खास तौर से 'माता का ई मेल' और 'सुइयां सुइयां' गाने सुनने अच्छे लगते हैं. 


क्यों देखें
अगर आप सुभाष कपूर की फिल्मों और उनके विषयों से इत्तेफाक रखते हैं, अरशद वारसी, अमित साध, रोनित रॉय और अदिति राव हैदरी की एक्टिंग के कायल हैं, तो यह फिल्म जरूर देखें. साथ ही अगर सामाजिक व्यवस्था और उससे जुड़ी घटनाओं में दिलचस्पी है तो भी यह फिल्म आपके लिए बनी है.


क्यों न देखें

अगर आपको समाज के गहन मुद्दे, चुटकुले और कॉमेडी पसंद नहीं है, तो इस फिल्म को न देखें.









जम्मू-कश्मीर में 11 आतंकियों ने फेसबुक पर डाली अपनी फोटो


दुस्सास भरा कदम उठाते हुए 11 युवा कश्मीरी आतंकियों ने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर अपनी फोटो डाल दी, जिसमें वे सेना की वर्दी पहने हुए और हथियारों से लैस दिख रहे हैं. फेसबुक पर ये तस्वीरें सामने आने के बाद सुरक्षाबल हरकत में आ गए.

दो दिन तक फेसबुक पर रही इस फोटो में उन 11 आतंकवादियों को दिखाया गया है, जो हाल ही में प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन में शामिल हुए हैं. अब यह तस्वीर फेसबुक पर नहीं दिख रही है, लेकिन इस वाकये से जम्मू-कश्मीर की सेना और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया.

अमरनाथ यात्रा की वजह से ज्यादा चौकसी 

हड़कंप मचने की बड़ी वजह यह थी कि सालाना अमरनाथ यात्रा बुधवार से ही शुरू हुई है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने सोशल नेटवर्किंग साइट से उस इंटरनेट प्रोटोकोल का ब्योरा मांगा है, जहां से ये तस्वीरें फेसबुक पर डाली गईं और फिर हटा ली गईं.


फोटो में भगोड़ा कॉन्स्टेबल नसीर भी

तस्वीर में जम्मू-कश्मीर पुलिस का पूर्व कॉन्स्टेबल नसीर दिख रहा था, जो मुफ्ती मुहम्मद सईद की अगुवाई वाली पीडीपी-बीजेपी सरकार में मंत्री अल्ताफ बुखारी के यहां गार्ड ड्यूटी करते वक्त दो एके-47 राइफलों के भाग गया था. तस्वीर में त्राल का रहने वाला बुरहान वानी भी दिखाई दे रहा था, जो घाटी में हिज्बुल मुजाहिदीन के युवा चेहरे के तौर पर उभरा है. ऐसा लगता है कि दक्षिण कश्मीर के शोपियां या पुलवामा के बागानों में किसी जगह पर तस्वीर ली गई. दक्षिण कश्मीर विभिन्न आतंकवादी संगठनों में युवाओं की भर्ती के लिए एक प्रमुख क्षेत्र बन गया है.










Saturday, June 27, 2015

ODI क्रिकेट के नियमों में 3 बदलाव, 5 जुलाई से होंगे लागू

वनडे क्रिकेट के नियमों में बदलाव हो गया है. बारबडोस में शुक्रवार को आईसीसी की सालाना कॉन्फ्रेंस में ODI नियमों में तीन अहम बदलाव किए गए. नए नियम 5 जुलाई से लागू होंगे.



ये हैं तीन बदलाव 
1. अब हर तरह की नो बॉल पर फ्री हिट मिलेगी, पहले सिर्फ 'ओवरस्टेपिंग' नो बॉल पर फ्री हिट मिलती थी.
2. 41-50 ओवर के बीच में 30 यार्ड सर्कल के बाहर 5 फील्डर रखने की इजाजत होगी.
3. 15 से 40 ओवर के बीच कोई पावरप्ले नहीं लिया जा सकेगा. यानी बैटिंग पावरप्ले खत्म.

अब डबल सेंचुरी बनाने में छूटेंगे पसीने
बारबडोस में एन श्रीनिवासन की अध्यक्षता में हुई बैठक में आईसीसी चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटी की ओर से मंजूर किए गए इन प्रस्तावों को आईसीसी बोर्ड ने भी हरी झंडी दे दी . वनडे क्रिकेट को आम तौर पर बल्लेबाजों का खेल माना जाता है और बाद के दिनों में हुए संशोधनों से बल्लेबाजों का ही फायदा हुआ है. लेकिन ताजा बदलाव स्लॉग ओवरों में गेंदबाजों के लिए फायदेमंद होंगे. अब वनडे मैचों में डबल सेंचुरी बनाना आसान नहीं रह जाएगा.

आईसीसी के चीफ एग्जीक्यूटिव डेविड रिचर्डसन ने कहा, 'वर्ल्ड कप के बाद हमने वनडे क्रिकेट के नियमों की अच्छी तरह समीक्षा की है. नियमों में कोई बड़ा बदलाव करने की जरूरत नहीं थी. लेकिन हम फॉरमैट को फैन्स के लिए और आसान बनाना चाहते हैं, साथ ही गेंद और बल्ले के बीच एक संतुलन भी बनाने का मकसद है.'
आईसीसी बोर्ड के कुल 16 सदस्यों में चेयरमैन एन श्रीनिवासन के अलावा अनुराग ठाकुर भी शामिल हैं.










Friday, June 26, 2015

मैगी के बाद अब चीन पर गिरी गाज, दूध, चाकलेट पर बैन का फरमान

सरकार ने चीन से आने वाले दूध और उसके उत्पादों पर प्रतिबंध जून 2016 तक बढ़ा दिया है. विदेश व्यापार महानिदेशालय ने एक अधिसूचना में कहा, चीन से दूध एवं सारे दूध उत्पाद के साथ-साथ चाकलेट उत्पादों, टॉफी के आयात पर प्रतिबंध को एक और वर्ष के लिये बढ़ा दिया गया है.

यह प्रतिबंध 23 जून 2016 या अगले आदेश तक रहेगा.भारत ने सबसे पहले प्रतिबंध सितंबर 2008 में लगाया था. इसका कारण मेलामाइन पाया जाना था जिसका उपयोग प्लास्टिक और उर्वरक बनाने में होता है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने चीन से आयातित दूध एवं उसके उत्पादों पर प्रतिबंध की अवधि एक साल बढ़ाने की कल सिफारिश की थी.









फ्रांस में आतंकी हमला, एक की मौत, अरबी में लिखे झंडे के साथ हमलावर गिरफ्तार

दक्षिण-पूर्वी फ्रांस के ग्रेनोबिल में आतंकियों ने गैस फैक्ट्री पर शुक्रवार को हमला किया. घटना में एक शख्स के मारे जाने की खबर है. वहीं कई लोग घायल बताए जा रहे हैं.

स्थानीय अखबार Le Dauphine के अनुसार सुबह करीब 9:50 बजे फैक्ट्री के पास से जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी.

मिली जानकारी के अनुसार ISIS का झंडा हाथ में थामकर एक शख्स कंपनी में दाखिल हुआ. एंट्रेंस गेट पर उसने एक शख्स का सिर धड़ से अलग कर दिया. इसके बाद वो बिल्डिंग के अंदर घुसा और उसके बाद धमाके किए.

इस हमले के पीछे ISIS का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि अभी तक किसी ने भी इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है. पुलिस ने शक के आधार पर एक को गिरफ्तार कर लिया है.

गौरतलब है कि साल की शुरुआत में पेरिस के मार्केट और मैग्जीन चार्ली एब्दो पर हुए आतंकी हमलों के बाद फ्रांस अलर्ट पर था. इन हमलों के बाद अल कायदा और ISIS ने और भी हमलों की धमकी भी दी











Wednesday, June 24, 2015

'एम एस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी' में सुशांत सिंह निभाएगें धोनी का रोल

मिल्खा सिंह और मेरीकॉम के जीवन पर बनी बायोपिक फिल्मों के बाद अब क्रिकेटर धोनी की बायोपिक बनने जा रही है. इस फिल्म का नाम होगा 'एम एस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी'. इस फिल्म को डायरेक्ट कर रहे हैं नीरज पाण्डेय.

इस फिल्म में धोनी का रोल बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत कर रहे हैं. सुशांत इनदिनों रांची, जमशेदपुर और पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में धोनी के बीते लम्हों को फिर से सजोने के लिए दौरे कर रहे हैं. इसके अलावा अभिनेत्री आलिया भट्ट इस फिल्म में साक्षी का किरदार निभाएंगी और विराट कोहली की भूमिका में फवाद खान नजर आएंगे. युवराज सिंह के रोल के लिए धोनी के मित्र जॉन अब्राहम को चुना गया है और खबरों के मुताबिक इशांत शर्मा की भूमिका जायेद खान और जहीर खान की भुमिका में जावेद गुलाटी हैं.

पहली बनी दो बायोपिक फिल्मों मिल्खा सिंह और मैरीकॉम ने बॉक्स ऑफिस पर जोरदार प्रदर्शन किया था. अब देखना है कि धोनी के जीवन पर बनने वाली इस फिल्म को दर्शको का कैसा रिस्पांस मिलता है.

इस फिल्म को इसी साल अक्टूबर के महीने में हिंदी समेत सात भाषाओं में रिलीज किए जाने का प्लान है.








अब महंगा पड़ेगा शराब पीकर गाड़ी चलाना, चुकाना होगा 10 हजार तक का जुर्माना!

शराब पीकर गाड़ी चलाने के बढ़ते मामले को देखते हुए सरकार इस ओर जुर्माना राशि‍ में पांच गुना तक बढ़ोतरी का निर्णय कर सकती है. खबरों के मुताबिक, समस्या पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन मंत्रालय भारी जुर्माना वसूलने के साथ ही इस ओर सजा का सहारा लेने पर विचार कर रहा है.

इसके तहत जुर्माने की राशि को पांच गुना बढ़ाकर 10 हजार रुपये, छह महीने से एक साल तक की सजा और एक साल के लिए गाड़ी जब्त करने तक के प्रस्ताव हैं. पहली बार नियम तोड़ने वाले से 10 हजार रुपये की पेनल्टी वसूली जा सकती है और बार-बार ऐसा करने वाले के लिए सजा सख्त करते जाने का प्रस्ताव है.

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, यह प्रस्ताव सड़क परिवहन और सुरक्षा बिल में शामिल हैं, जिसे परिवहन मंत्रालय ने कानून मंत्रालय के बाद राज्य सरकारों को फीडबैक के लिए भेजा है. वर्तमान में नशे की हालत में गाड़ी चलाने पर 2000 रुपये तक जुर्माना या छह महीने तक की सजा का प्रावधान है.

एक से अधिक लाइसेंस पर जुर्माना

बिल में एक से ज्यादा लाइसेंस रखने वालों या एक से ज्यादा लाइसेंस के लिए अप्लाई करने वालों के लिए भी जुर्माने की बात कही गई है. बिल को मंजूरी मिली तो बिना इंश्योरेंस वाली गाड़ी चलाने पर भी जुर्माने का प्रावधान होगा. इसके लिए दो हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक चुकाना होगा. जुर्माने की राशि गाड़ी के हिसाब से वसूली जाएगी. हाल ही यह तथ्य सामने आया था कि भारत में 70 फीसदी गाड़ियों का इंश्योरेंश नहीं है.

इस बिल में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के साथ-साथ ऑटो कंपनियों को भी जवाबदेह बनाने की कोशिश की गई है. गलत डिजाइन या दोषपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग और गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद गाड़ियों को रिकॉल नहीं करने पर ऑटो कंपनियों के लिए जुर्माने और सजा का प्रस्ताव है. गाड़ियों के डिजाइन में गड़बड़ी पर 5 लाख रुपये तक जुर्माना और गाड़ी को रिकॉल करने से इनकार करने पर तीन महीने तक की सजा या गाड़ी की कीमत के बराबर जुर्माने का प्रस्ताव है.

एक अधिकारी ने बताया कि रेड लाइट जंप करने, सीट बेल्ट नहीं लगाने जैसे मामलों के लिए कम जुर्माने का प्रावधान किया गया है. जबकि सड़क दुर्घटना में बच्चे की मौत जैसे मामलों में भारी जुर्माना चुकाना होगा. बिल में हर अपराध पर निगेटिव स्कोरिंग का प्रस्ताव है और एक लेवल से ज्यादा निगेटिव स्कोर होने के बाद लाइसेंस स्थगित कर दी जाएगी.







Tuesday, June 23, 2015

हम भारतीयों को इन 10 चीजों की आदत हो चुकी है

हम भारतीयों को इन 10 चीजों की आदत हो चुकी है


1. सेट मैक्स पर फिल्म 'नायक' और 'सूर्यवंशम' का प्रसारण

हम भारतीय सेट मैक्स पर फिल्म 'सूर्यवंशम' और 'नायक' देखने के आदी हो चुके हैं. आईपीएल की कृपा से साल के बस दो महीने ऐसे हैं जब टीवी खोलने पर इन दो फिल्मों के दर्शन दुर्लभ हो जाते हैं. वैसे इस फेहरिस्त में सेट मैक्स अकेला नहीं है. बी4यू पर फिल्म 'वन टू का फोर', जी सिनेमा पर फिल्म 'हम आपके हैं कौन', स्टार गोल्ड पर फिल्म 'वॉन्टेड' और 'दबंग' बाइ डिफॉल्ट चलते रहते हैं.


2. हम 'इंडियन स्‍टैंडर्ड टाइम' से चलते हैं

चाहे आप कोई पार्टी रख लो, या अहम मीटिंग, आपके गेस्ट और को-वर्क्स टाइम पर पहुंच जाएं तो हो सकता है आपकी घड़ी फास्ट चल रही है. और अगर गलती से भी लेट लतीफी का कारण पूछ लो, तो शहर की ट्रैफिक पर सारा दोष मढ़ देना भी कॉमन मैन का कॉमन जवाब होता है.


3. 'हम जहां खड़े होते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है'

वैसे तो अमिताभ बच्चन ने ये लाइन फिल्म में बोली थी. था तो ये बस एकर डॉयलॉग. लेकिन असल में ये हम भारतीयों के जीने का तरीका बन गया है. भंडारे का प्रसाद लेना हो, या कॉलेज में परीक्षा का फॉर्म जमा करना हो. सिनेमा हॉल से टिकट लेनी हो, या मंदिर में दर्शन करना हो, अगर पुलिस अपनी लाठी ना बरसाए तो इस बात की पूरी गुंजाइश है कि ऐसे मौकों पर दंगे हो जाए. कभी कभी तो ये शोध का विषय भी बन जाता है कि आखिर लाइन शुरू कहां से हो रही है.


4.....सिस्टम ही खराब है

'....सिस्टम ही खराब है', 'इस सरकार का कुछ नहीं हो सकता', 'सारे नेता भ्रष्ट हैं...' समस्या चाहे जैसी भी हो, वजह बस ऐसे ही गिनाई जाती है. शहर में भूकंप आ जाए, सड़क पर कुत्ता मर जाए, किसी लड़की का रेप हो जाए यहां तक कि कोई बच्चा क्लास में फेल हो जाए, इन सबकी जिम्मेदार सरकार है. हम भारतीयों में ये गजब का टैलेंट है. गलती किसी की भी हो, कमी जो भी हो, घूम फिर के बात सरकार तक पहुंच जाती है. हम नागरिकों की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है.


5. बारगेन करना हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है

सब्जी मंडी जाकर गाजर-मूली खरीदना हो या महंगे शो रूम से लैपटॉप लेना हो यहां तक की दहेज में लेन-देन की बात हो, मौका मिलते ही बारगेनिंग शुरू. आलम ये है कि फिक्सड प्राइस शॉप में भी ' भइया ठीक ठाक दाम लगा लेना.' जैसी गुजारिश हो जाती है. दुकानदारों को भी बुरा नहीं लगता. वो भी हिन्दूस्तानी ही हैं ना, आदत है उन्हें इसकी.


6. यहां स्ट्रीट मेकैनिक्स/ जुगाड़ टेक्नोलॉजी से सुलझती है हर समस्या

ये इंजीनियिंग की वो विधा है जिसकी कोई ट्रेनिंग नहीं होती है. ऊपर वाले ने हर भारतीय का प्रोडक्शन इस इन बिल्ट क्वॉलिटी के साथ किया है. घर में दूध फट जाए, बीच सड़क गाड़ी का टायर फट जाए, राह चलते चप्पल टू जाए या फिर बिना केबल कनेक्शन लिए टीवी देखना हो, हम इंडियन्स के पास हर समस्या का तोड़ है. काम करने के सही तरीके को फॉलो किए बिना, कामचालऊ काम कर लेना जुगाड़ कहलाता है. और समय समय पर हम अपनी इसी नवोन्मेष की शक्ति का परिचय देते रहते हैं.

7. ऑल इंडियन्स आर माई  ब्रदर्स एंड देयर सिस्टर्स! 

स्कूल के दिनों में ही लड़कों के दिमाग में इस विचार की बरकत हो जाती है. भले ही महिला सुरक्षा पर आवाज बुलंद करने वाले लड़के इसे इत्तेफाक ना रखें, लेकिन लड़कियां इसकी आदी हो चुकी हैं.


8. गर्मियों में पावर कट

जिस दिन गर्मियों के मौसम में किसी भी शहर में आधे घंटे के लिए भी बिजली ना गुल हो, उस दिन हम कीर्तिमान कायम कर लेंगे. लोड शेडिंग के नाम पर तो कभी टेक्निकल फॉल्ट बताकर बिजली काट दी जाती है. दिल्ली सरकार तो अब पावर कट होने पर बिल में डिस्काउंट देने तक की बात कह रही है.


9. ठंड के मौसम में ट्रेनों की लेटलतीफी

ठंड के मौसम में पैसेंजर ट्रेन की तो छोड़िए जनाब, एक्सप्रेस ट्रेन भी खून के आंसू रुला देती है. ट्रेन कब आएगी, कब खुलेगी और कब आप अपने गंतव्य पर पहुंचेंगे, इसका ख्याल तो मन में लाना भी पाप है. ट्रेन में बैठने के बाद आपका सफर मंगलमय होगा या नहीं इसकी गारंटी नहीं है. लेकिन यात्रा के कुछ घंटे पहले ट्रेन कैंसिल भी हो सकती है, इस बात की पूरी गारंटी है.


10 संसद और विधानसभा का हंगामेदार सत्र

'लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित', 'राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा', 'सत्र के हंगामेदार रहने के आसार...', जैसे ही संसद या विधानसभा का कोई सत्र चल रहा होता है, ऐसे ही सेम टू सेम हेडलाइन न्यूज में सुनने-पढ़ने को मिल जाते हैं. हमारे देश का संसद और राज्यों की विधानसभा में चर्चा कम, हंगामा ज्यादा होता. कभी कोई नेता गला फाड़ फाड़कर चिल्लाता है, तो कभी कुछ नेता मुंह पर काली पट्टी बांधकर सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर देते हैं. इस तरह सत्र पर सरकार के लाखों रुपये इन वजहों से बर्बाद होते हैं.








Share

Twitter Delicious Facebook Digg Stumbleupon Favorites More