https://www.luminouseshop.com
Luminouseshop Offers Inverter's Battery, Fan, LED Fan, Solar Pannel and more At Wholesale Price With Free Shipping - Cash On Delivery
Wednesday, March 11, 2015
LIC बदलेगी भारतीय रेल की तकदीर
धन की कमी से जूझ रहे रेलवे के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम अच्छी खबर लेकर आया है. बुधवार को उसने रेल से जुड़ी परियोजनाओं के लिए डेढ़ लाख करोड़ रुपये देने का वचन दिया. यह राशि पांच साल की अवधि में दी जाएगी.
यह जानकारी वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दी. उन्होंने कहा कि यह वाणिज्यिक निर्णय है. जीवन बीमा निगम पांच सालों की अवधि में रेलवे में 1.5 लाख करोड़ रुपये लगाएगा. यह राशि रेलवे के विभिन्न सहयोगियों द्वारा बांड के रूप में जारी की जाएगी. अगले साल से ऐसे बांड जारी होने शुरू हो जाएंगे.
जीवन बीमा निगम औसतन हर साल 30,000 करोड़ रुपये रेलवे में लगाएगा. पांच सालों तक यह निवेश होगा. यह जानकारी निगम के चेयरमैन एस के रॉय ने दी. निगम हर साल रेलवे द्वारा जारी बांडों को खरीदकर यह निवेश करेगा. इस आशय का एक समझौता रेलवे और बीमा निगम में हुआ है.
यह अभी तय नहीं हुआ है कि इसमें बीमा निगम को कितना ब्याज मिलेगा. लेकिन यह आकर्षक ही होगा.
ये है एक रुपए का नया 'गुलाबी' नोट, अप्रैल से होगा आपकी जेब में
नई दिल्ली. 20 साल बाद एक बार फिर एक रुपए का नया नोट आपकी जेब में नजर आएगा। सरकार एक रुपए के इस गुलाबी नोट को अप्रैल से भारतीय बाजारों के लिए जारी करने जा रही है। केंद्र सरकार ने पिछले साल दिसंबर में ही एक रुपए के नोट की दोबारा छपाई शुरू करने का एलान किया था। 1 जनवरी 2015 से इसकी छपाई शुरू हो चुकी है। वित्त मंत्रालय द्वारा कॉयनेज एक्ट 2011 में बदलाव के बाद फिर से एक रुपए के नोट की छपाई शुरू हुई है।पहले से बड़ा है आकार
एक रुपए के नोट का आकार पहले के मुकाबले थोड़ा बड़ा है। इसका आकार 9.7 गुणा 6.3 सेंटीमीटर(100 प्रतिशत (काटन) रेग कंटेंट) का है। इसके कागज का भार 90 जीएसएम (ग्राम प्रति वर्ग) है। इसके शीर्ष पर भारत सरकार लिखा नजर आएगा। नोट पर मल्टीटोनल वाटर मार्क में बिना सत्यमेव जयते शब्दों के अशोक की लाट अंकित है। मध्य भाग में सामान्य तौर पर न दिखने वाली संख्या '1' प्रकाशित होगी। नोट के दाईं तरफ 'भारत' शब्द अंकित होगा।
गुलाबी और हरे रंग का होगा मिश्रण
इस बार छापे गए एक रुपए के करेंसी नोट का अगला हिस्सा गुलाबी और हरे रंग के मिश्रण का है। हिंदी व अंग्रेजी भाषा में वित्त सचिव के हस्ताक्षरों के साथ 'भारत सरकार' शब्द और रुपए के प्रतीक चिन्ह के साथ नए एक रुपए के सिक्के की छवि भी नजर आती है। नोट के निचले हिस्से में दाईं ओर नोट का नंबर है।
श्रीनाथजी को भेंट की गई पहली गड्डी
वित्त सचिव राजीव महर्षि ने होली पर श्रीनाथजी की शरण में एक रुपए के नोट की गड्डी भेंट की है। ये नोट महर्षि के हस्ताक्षर से छपे हैं। नोट के दूसरे हिस्से में पेन से भी लिखा है श्रीनाथजी को सप्रेम भेंट।
कहां छपा है एक रुपए का नोट
पहले की तरह इस बार भी एक रुपए के नोट की छपाई रिजर्व बैंक के मिंट के बजाए भारत सरकार के मुद्रण कारखाने में की गई है। नया नोट मौजूदा वित्त सचिव राजीव महर्षि के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।
Tuesday, March 10, 2015
ब्लैक मनी: उदाहरण के तौर पर कहा था, हर व्यक्ति को मिलेंगे 15 लाख
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावों के दौरान कहा था कि अगर सारा ब्लैक मनी वापस आ जाए तो प्रत्येक नागरिक को 15 लाख रुपए मिलेंगे। इस बयान का बचाव करते हुए सरकार ने कहा कि यह आंकड़ा एक ‘उदाहरण के तौर’ पर कहा गया है।
देश में काले धन को रोकने के लिए केंद्र सरकार का रुख काफी सख्त हो गया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को राज्यसभा में यह आश्वासन दिया कि एचएसबीसी की सूची में जिन लोगों का नाम शामिल है उनके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। प्रशनकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में जेटली ने कहा कि स्विस बैंक में 628 खाताधारकों के नाम सामने आए हैं। इसमें से कई मामलों में लोगों की पहचान हो गई है। टैक्स चोरी के इन मामलों में कुल आमदनी 3,250 करोड़ रुपए है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि 77 आपराधिक मामलों को फाइल लिया जा चुका है।
जेटली ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों के साथ-साथ सरकार हर संभव कदम उठा रही है। गैर कानून विदेशी खाताधारकों के खिलाफ जुर्माना लगाने से लेकर मुकदमा चलाने का काम सरकार कर रही है।
जब सदस्यों ने विदेशों में जमा काले धन की वास्तविक राशि के बारे में पूछा तो वित्त मंत्री ने सवाल को टालते हुए कहा कि विभिन्न प्रकार से मूल्यांकन किया जा रहा है और इसकी जानकारी सदन को दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) मूल्यांकन प्रक्रिया पर काम कर रही है और राजस्व विभाग इस टीम के साथ जुड़ी हुई है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘एसआईटी मासिक आधार पर मूल्यकांन कर रही है और इसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट भेजी जा रही है।’
सरकार ने पूछा गया कि एसआईटी द्वारा दिए गए किन सुझावों को अपनाया जा रहा है, तो उन्होंने कहा कि काले धन के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं जिसकी घोषणा इस साल के बजट की गई। यह कदम मुख्य रूप से एसआईटी के सुझाव के आधार पर उठाए गए हैं।
बिल गेट्स के 12 फंडे, जिन्हें अपनाकर वो बन गए अरबपति
फोर्ब्स लिस्ट में माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व सीईओ और चेयरमैन बिल गेट्स को पहला स्थान मिला है।गेट्स 79.2 अरब डालर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। पिछले 21 साल में यह 16वीं बार है जब सॉफ्टवेयर दिग्गज इस लिस्ट में अव्वल रहे हैं। इस सूची में गेट्स के बाद मैक्सिको के कालरेस स्लिम हेलु दूसरे और चर्चित अमेरिकी निवेशक वॉरेन बफे तीसरे स्थान पर हैं।
आज हम आपको माइक्रोसॉफ्ट के ही पूर्व सीईओ और चेयरमैन बिल गेट्स के 12 फंडों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपना कर वह अरबपति बन गए।तीन शब्दों में बिग गेट्स को समझें
बिल गेट्स ने अपने जीवन में कुछ उसूल बनाए और इन्हीं उसूलों ने उन्हें दुनिया के टॉप दौलतमंदों में शुमार कर दिया। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स को ज़ज्बा, तीव्रता और दृढ़ता जैसे तीन शब्दों से समझा जा सकता है। गेट्स चाहते थे कि सिस्टम ऐसा बनाया जाए जो अहम हो और लोगों को उनसे जुड़ने के लिए प्रेरित करे। उन्हें बेहतर तरीके से समझने के लिए ये सबक मददगार रहेंगे...
सबक-1: दुनिया को बदल डालो या घर पर बैठो
इससे समझ में आता है कि वे कैसे अपना जीवन निर्वहन करते हैं। दुनिया को और बेहतर बनाने के लिए काम करो। भले ही वह एक वर्जन, प्लेटफॉर्म, सिस्टम, आइडिया, रीज़न या इनोवेशन हो, इसे करना ही चाहिए। वे यह जानते हैं कि अपने प्रभाव को और प्रभावी तरह से कैसे इस्तेमाल करना है।
सबक-2: रास्ता बनाते चलो
हमेशा आपके लिए कोई रास्ता तैयार नहीं रहेगा। आपको कुछ तो करना ही होगा। कभी लोगों को यह भी लगेगा कि आप सनकी हैं। कई बार आपके कदम मंजिल के पास हो सकते हैं। गेट्स का मानना रहा है कि पर्सनल कम्प्यूटर हर टेबल, हर घर और हर लिविंग रुम में होना चाहिए। यह हमारे काम के तरीकों को बदल देगा।
सबक -3: अपना असर पैदा करो
वे प्रभाव के अनुसार ही अपना चयन करते रहे हैं। भले ही वह जज्बे की बात हो या किसी काम में लगने की। वे अपना प्रभाव जमा कर रहते हैं। कोई काम वे कर सकते हैं, सिर्फ इसीलिए काम नहीं करते हैं। वे इसलिए काम करते हैं, क्योंकि वह अहम है और वह इसे नए मुकाम पर ले जा सकते हैं।
सबक-4: मानवता का सबसे बड़ा लाभ समान धरातल पर रहने का है
बिल गेट्स का स्पष्ट मानना है कि जो भी लोग हैं, सब समान हैं। मदद उनकी की जानी चाहिए, जो खुद की मदद नहीं कर पाते हैं। सभी को जीवन में अवसर पाने का हक है, इसमें आ रहे अवरोधों को दूर करना चाहिए।
सबक-5: तत्काल जो जरूरी है उसे समझें
इस पर गौर करना चाहिए। दुनिया तेजी से बदल रही है। बाजार बदल चुके हैं। उनका मानना है कि सॉफ्टवेयर के व्यवसाय में जब तक आप कुछ समझ पाते हैं, तब तक देर हो चुकी होती है और आप संकट में घिर जाते हैं। तब खुद को बचा पाना मुश्किल हो जाता है। यदि पहले से चिंता नहीं करेंगे तो भागते ही रहेंगे।
सबक- 6: बाज़ार में हमेशा सही चीजें नहीं चलती हैं
बाजार के अनुसार वैज्ञानिक, कम्युनिकेटर्स, विचारक और मनीषी नहीं चलते हैं। इसके लिए सरकार को सही हालात बनाने होते हैं। केवल इन बातों पर ध्यान देकर और बुद्धिमान लोगों को जोड़कर वह प्रगति कर सकते हैं, जो हम चाहते हैं।
सबक-7: अपने आदर्शों के साथ जीवन बिताओ
जब भी दुनिया को आभास होगा कि आप क्या हैं, आप नजरों में आएंगे और इन्हीं मूल्यों के कारण लोग आपकी ओर आकर्षित हो सकेंगे। माइक्रोसॉफ्ट में बिल गेट्स ने ही लोगों को आकर्षित किया। जज्बा दुनिया को बदलने का था। इनके साथ जुड़ने वालों ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से जीवन को बेहतर बनाया।
सबक-8: अच्छा काम सही लोगों के साथ रहने से और बेहतर हो सकता है
बिल गेट्स ने ऐसा कल्चर बनाया कि बेहतर और साफ चरित्र वाले लोग जुड़ते रहे। आसपास अच्छे लोग थे, इसलिए वह ऊपर उठ सके।
सबक-9: हर तरह के व्यवसाय में इनोवेशन दिल और आत्मा होता है
खेल में आगे रहने के लिए या फिर खेल में बने रहने के लिए आपको इनोवेशन जारी रखने पड़ेंगे। अपने प्रोडक्ट में इनोवेशन करें। प्रोसेस, मार्केट आदि सभी में इसे लागू करें। बिल गेट्स हमेशा इनोवेशन को अपने प्रभाव को कायम करने के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं।
सबक-10: ऐसा मंच बने, जहां लोग आगे बढ़ सकें
किसी चीज़ को बनाने में अपनी भूमिका देखें और जानें कि आप क्या बेहतर कर सकते हैं।
सबक-11: हमेशा नया सिस्टम बनाने की सोचें
छोटे और बड़े स्तर पर सिस्टम बनाएं। इसमें इनपुट और आउटपुट दोनों होते हैं। आप तब बहुत प्रभावी हो जाते हैं, जब आपको पता लगता है कि कोई सिस्टम है, जो काम कर रहा है।
सबक-12: एक्शन लेना बेहद जरूरी
किसी चीज़ की धुन को कैसे अमल में लाएं, इसके लिए जरूरी है एक्शन लें। विचार कई लोगों के पास होते हैं, सही अंतर अमल में लाने का होता है।
बारकोड हुआ 40 साल का, एक फ्रूट गम को मिला था पहला पहचान नंबर
नई दिल्ली. क्या आपने कभी कोई प्रोडक्ट खरीदने से पहले उसके पीछे बनी काली मोटी-पतली रेखाओं को ध्यान से देखा है। आपको बता दें, इसे बारकोड कहा जाता है, जिसमें उस प्रोडक्ट की सारी जानकारी छिपी होती है।
आज बारकोड 40 साल का हो गया है। रिग्ले का जूसी फ्रूट गम का 10 यूनिट का पैक 26 जून 1974 में पहली बार बारकोड स्कैन किया गया था। आज भी इसका असली पैक म्यूजियम में रखा गया है।
बारकोड से होते हैं ये फायदे
-जब भी कोई मैन्युफैक्चरर एक प्रोडक्ट को शिपमेंट के लिए पैक करता है तो उस बॉक्स को एक यूनीक आईडेंटिटी नंबर दे सकता है।
-इस आईडेंटिटी नंबर का प्रयोग डेटाबेस के साथ लिंक करने में किया जाता है, जिसमें ऑर्डर नंबर, पैक किए गए आइटम, कितनी मात्रा पैक की गई है और सामान कहां भेजा जाना है,ये सारी जानकारियां होती हैं।
-बारकोड का इस्तेमाल करके एकत्र किया गया डेटा किसी प्रोडक्ट की डिमांड का पता लगाने में किया जा सकता है।
कहां से आया बारकोड का आइडिया
वैलेन्स फ्लिंट (Wallance Flint) वह पहले इंसान थे, जिन्होंने 1932 में पहली बार एक ऐसे सिस्टम की बात की जो चीजों को ऑटोमेटेड तरीके से चेक करे। फ्लिन्ट का यह आइडिया उस समय मुमकिन नहीं लगा, लेकिन 40 साल बाद फ्लिन्ट ने नेशनल एसोसिएशन ऑफ फूड चेन्स के वाइस प्रेसिडेंट की तरह एक बार फिर कोशिश की, जिससे यूनीफॉर्म प्रोडक्ट कोड सामने आया।
नॉर्मेन जोसेफ वुडलैंड और बर्नार्ड सिल्वर को 20 अक्टूबर 1949 में बारकोड के आविष्कार का श्रेय जाता है, जिन्होंने एक पेटेंट एप्लिकेशन सीरियल नंबर 122,416 फाइल किया था, जो बाद में पेटेंट नंबर 2,612,994 बना। इस तरह वुडलैंड और सिल्वर ने इस कॉन्सेप्ट के सिंबल और रीडर पर अपना अधिकार बनाया है। 1974 में पहली बार एक सुपरमार्केट में यूपीसी बारकोड को वास्तव में इस्तेमाल में लाया गया।
जानिए, किस तरह एक के बाद एक गूगल के नेटवर्किंग IDEA हुए FAIL
गूगल नेटवर्क 30 सितंबर को अपनी सोशल नेटवर्किंग साइट ऑर्कुट को बंद करने वाला है। जिस तरह फेसबुक ने लोगों में अपनी एक खास जगह बना ली है, ऑर्कुट उसे पाने में असफल रहा और धीरे-धीरे करके लोगों से दूर ही होता चला गया। लोगों में ऑर्कुट के प्रति उत्साह न होने के कारण गूगल को भी इससे कोई खास फायदा नहीं हुआ, जिसके चलते अब गूगल ने इसे बंद करने का फैसला कर लिया है।
यह नेटवर्किंग साइट करीब 10 साल पहले लॉन्च हुई थी, लेकिन गूगल ब्रान्ड को सफलता की सीढ़ियां चढ़ाने में कामयाब नहीं रही। गूगल के द्वारा लॉन्च की गई यह सोशल नेटवर्किंग साइट सबसे अधिक भारत और ब्राजील के लोगों द्वारा ही इस्तेमाल की जाती है, लेकिन अब अपनी अन्य नेटवर्किंग सर्विसेस को अच्छा करने के लिए गूगल ने ऑर्कुट को बंद करने का फैसला किया है।
इंटरनेट की दुनिया के इस दिग्गज ने भले ही ही अन्य क्षेत्रों में अपना दबदबा बना रखा हो, लेकिन सोशल नेटवर्किंग के इसके सभी प्लान फेल हो गए हैं। अपना रिवेन्यू बढ़ाने के लिए गूगल ने जिस भी नेटवर्किंग साइट में पैसे लगाए, वहां से फायदा मिलने के बजाय सिर्फ नुकसान ही हुआ।
आइए जानते हैं गूगल की कुछ नेटवर्किंग साइट्स के बारे में, जिसमें गूगल को नहीं हुआ कोई फायदा-
ऑर्कुट (Orkut)
ऑर्कुट 2004 में लॉन्च हुई थी। उसी साल सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक भी लॉन्च हुई थी। इस समय फेसबुक 1.28 अरब यूजर्स के साथ दुनिया की नबंर-1 सोशल नेटवर्किंग साइट है। वहीं दूसरी ओर ऑर्कुट की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि गूगल ने इसे बंद करने का फैसला कर लिया है।
ऑर्कुट से उसके यूजर्स के बारे में पूछने पर गूगल की तरफ से इसके बारे में कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया गया। हालांकि, पिछले दशक में यूट्यूब, ब्लॉगर, गूगल प्लस जैसी सर्विसेस को पूरी दुनिया भर के लोगों ने खूब सराहा है। इन सबकी ग्रोथ ने ऑर्कुट की ग्रोथ को बहुत ही पीछे छोड़ दिया है।
जानिए, कैसे महिलाओं की लिपस्टिक से पता चल जाती है किसी देश की हालत
नई दिल्ली. हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान दौरे पर गए थे। भूटान दुनिया में इकलौता देश है, जिसके विकास का पैमाना ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस इंडेक्स (जीएनएच) है। इसका मतलब हुआ देश में जितनी खुशी, उतना विकास। आज हम आपको ऐसे ही कुछ और इंडेक्स के बारे में बताएंगे, जिनके बारे में शायद आपने पहले नहीं सुना होगा।
आइए जानते हैं इन सूचकांकों के बारे में-
लिपस्टिक सूचकांक
हाल ही में प्रसिद्ध हुए सूचकांकों में से एक लिपस्टिक सूचकांक है, जिसकी मदद से आर्थिक मंदी का पता लगाया जाता है। कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि आर्थिक हालात बेहतर होने पर महिलाएं ज्यादा कपड़े खरीदती हैं, जबकि इसकी तुलना में मंदी में महिलाएं लिपस्टिक ज्यादा खरीदती हैं। किसी अर्थव्यवस्था में लिपस्टिक की बिक्री से माध्यम से लंबे समय की मंदी का अनुमान लगाया जा सकता है।
मंदी में महिलाओं का लिपस्टिक पर होता है अधिक खर्च
मुश्किल हालात में महिलाएं ज्यादा आकर्षक दिखने के लिए लिपस्टिक पर अधिक पैसे खर्च करने लगती हैं। यह देखा गया है कि ऐसे वक्त में महिलाओं की दिलचस्पी कपड़े, जूते, पर्स आदि से घटकर लिपस्टिक की तरफ मुड़ जाती है। मंदी की स्थिति में जहां एक ओर हर प्रोडक्ट की सेल घटती है, वहीं दूसरी ओर लिपस्टिक की सेल बढ़ने लगती है।
1990 के दशक में बना था ये इंडेक्स
महिलाओं के इस व्यवहार को देखते हुए 1990 के दशक में एसटी लाउडर के चेयरमैन लियोनार्ड लाउडर ने एक इंडेक्स बनाया था, जो ऐसी स्थिति में इकोनॉमिक हेल्थ के इंडिकेटर की तरह काम करता है।
List of players sold and unsold in IPL 2015 auction
M Vijay - Kings XI Punjab - Rs 3 crore
Angelo Mathews - Delhi Daredevils - Rs 7.5 crores
Kane Williamson - Sunrisers Hyderabad - Rs 60 lakh
Yuvraj Singh - Delhi Daredevils - Rs 16 crore
Kevin Pietersen - Sunrisers Hyderabad - Rs 2 crore
Dinesh Karthik - Royal Challengers Bangalore - Rs 10.5 crore
Amit Mishra - Delhi Daredevils - Rs 3.5 crore
Aaron Finch - Mumbai Indians - Rs 3.2 crore
Eoin Morgan - Sunrisers Hyderabad - Rs 1.5 crore
S Badrinath - Royal Challengers Bangalore - Rs 30 lakh
Michael Hussey - Chennai Super Kings - Rs 1.50 crore
James Neesham - Kolkata Knight Riders - Rs 50 lakh
Ravi Bopara - Sunrisers Hyderabad - Rs 1 crore
Chris Morris - Rajasthan Royals - Rs 1.4 crore
Darren Sammy - Royal Challengers Bangalore - Rs 2.8 crore
Laxmi Shukla - Sunrisers Hyderabad - Rs 30 lakh
Praveen Kumar - Sunrisers Hyderabad - Rs 2.2 crore
Trent Boult - Sunrisers Hyderabad - Rs 3.8 crores
Jaydev Unadkat - Delhi Daredevils - Rs 1.1 crore
Sean Abbott - Royal Challengers Bangalore - Rs 1 crore
Adam Milne - Royal Challengers Bangalore - Rs 70 lakh
Pragyan Ojha - Mumbai Indians - Rs 50 lakh
Rahul Sharma - Chennai Super Kings - Rs 30 lakh
Brad Hogg - Kolkata Knight Riders - Rs 50 lakh
David Wiese - Royal Challengers Bangalore - Rs 2.8 crores
Mitchell McClenaghan - Mumbai Indians - Rs 30 lakh
Kyle Abbott - Chennai Super Kings - Rs 30 lakh
Gurinder Sandhu - Delhi Daredevils - Rs 1.7 crore
Shreyas Iyer - Delhi Daredevils - Rs 2.6 crore
Hanuma Vihari - Sunrisers Hyderabad - Rs 10 lakh
Sarfaraz Khan - Royal Challengers Bangalore - Rs 50 lakh
CM Gautam - Delhi Daredevils - Rs 20 lakh
Nikhil Naik - Kings XI Punjab - Rs 30 lakh
Aditya Garhwal - Kolkata Knight Riders - Rs 25 lakh
Sumit Narwal - Kolkata Knight Riders - Rs 10 lakh
Jalaj Saxena - Royal Challengers Bangalore - Rs 10 lakh
Domnic Joseph - Delhi Daredevils - Rs 75 lakh
Akshay Wakhare - Mumbai Indians - Rs 10 lakh
KC Cariappa - Kolkata Knight Riders - Rs 2.4 crore
Sheldon Jackson - Kolkata Knight Riders - Rs 15 lakh
Ankush Bains - Chennai Super Kings - Rs 10 lakhs
Shishir Bhavane - Royal Challengers Bangalore - Rs 10 lakh
Travis Head - Delhi Daredevils - Rs 30 lakh
Srikar Bharat - Delhi Daredevils - Rs 10 lakh
Irfan Pathan - Chennai Super Kings - Rs 1.5 crore
Albie Morkel - Delhi Daredevil - Rs 30 lakh
Nitish Rana - Mumbai Indians - Rs 10 lakh
Pardeep Sahu - Rajasthan Royals - Rs 10 lakh
Siddhesh Lad - Mumbai Indians - Rs 10 lakh
Vaibhav Rawal - Kolkata Knight Riders - Rs 10 lakh
Marcus Stoinis - Delhi Daredevils - Rs 25 lakh
J Suchith - Mumbai Indians - Rs 10 lakh
Padmanabhan Prasanth - Sunrisers Hyderabad - Rs 10 lakh
Dinesh Salunkhe - Rajasthan Royals - Rs 10 lakh
Pratyush Singh - Chennai Super Kings - Rs 10 lakh
Yogesh Golwalkar - Kings XI Punjab - Rs 10 lakh
Zaheer Khan - Delhi Daredevils - Rs 4 crore
Abhimanyu Mithun - Mumbai Indians - Rs 30 lakh
Siddarth Kaul - Sunrisers Hyderabad - Rs 10 lakh
Andrew Tye - Chennai Super Kings - Rs 20 lakh
Brainder Sran - Rajasthan Royals - Rs 10 lakh
KK Jiyaz - Delhi Daredevils - Rs 10 lakh
Rusty Theron - Rajasthan Royals - Rs 30 lakh
Aiden Blizzard - Mumbai Indians - Rs 30 lakh
Eklavya Dwivedi - Chennai Super Kings - Rs 10 lakh
Sagar Trivedi - Rajasthan Royals - Rs 10 lakh
Players unsold
Hashim Amla
Kumar Sangakkara
Mahela Jayawardene
Brad Hodge
Ross Taylor
Alex Hales
Cameron White
Cheteshwar Pujara
Michael Carberry
Matthew Wade
Luke Ronchi
Morne van Wyk
Kusal Perera
Denesh Ramdin
Brendan Taylor
Marlon Samuels
Tillakaratne Dilshan
Wayne Parnell
Pankaj Singh
Munaf Patel
Ben Hilfenhaus
Nathan Lyon
Michael Beer
Ajantha Mendis
Cameron Boyce
Akila Dananjaya
Dean Elgar
Hamish Rutherford
Richard Levi
Venugopal Rao
Darren Bravo
Lahiru Thirimanne
Abhinav Mukund
Callum Ferguson
Nathan McCullum
Jeevan Mendis
Sachithra Senanayake
Johan Botha
Azhar Mahmood
Robin Peterson
David Hussey
Sheldon Cottrell
Ravi Rampaul
Doug Bollinger
Ben Laughlin
Lakshmipathy Balaji
RP Singh
Suraj Randiv
Farveez Maharoof
Farhaan Behardien
Joginder Sharma
Jonathan Carter
Nathan Reardon
Doug Bracewell
Grant Elliott
Anton Devcich
Thilan Thushara
Lonwabo Tsotsobe
Suranga Lakmal
Sudeep Tyagi
Shaun Tait
Dirk Nannes
Nuwan Kulasekara
Hamish Bennett
Peter Siddle
Dhammika Prasad
Krishmar Santokie
Ashton Agar
Seekkuge Prasanna
Carlos Brathwaite
Roelof van der Merwe
Vaughn van Jaarsveld
Elton Chigumbura
Justin Ontong
Chris Barnwell
Mohnish Mishra
Debabrata Das
Yogesh Nagar
Paras Dogra
Davy Jacobs
Dhiraj Goswami
Arun Karthik
Smit Patel
Sushant Marathe
Jesal Karia
Ram Dayal
Kevon Cooper
Shrikant Mundhe
Ashok Menaria
Robbie Frylinck
Kevin O'Brien
Basil Thampi
Krishnakant Upadhyay
S Aravind
HS Sharath
Rahul Shukla
Amit Mishra
Pradeep Sangwan
Ali Murtaza
Mihir Hirwani
Sarabjit Ladda
Shadab Jakati
Bhargav Bhatt
Rahil Shah
Tirumalasetti Suman
Manpreet Juneja
Michael Klinger
Taruwar Kohli
Ankit Bawne
Akhil Herwadkar
Prashant Naik
Sujit Nayak
Prashant Chopra
Nikhil Gangta
Craig Simmons
Arjit Gupta
Robin Bist
Praful Waghela
Rush Kalaria
Harpreet Singh
Akash Bhandari
Sunil Raju
Gurinder Singh
Rohit Dahiya
S Purkayastha
Kshitiz Sharma
B Indrajith
Hardik Pandya
Varun Sood
Paul Valthaty
Krunal Pandya
Raiphi Gomez
Ankit Kushwah
Ankit Shastri
Avinash Yadav
Vinay Choudhary
A Choudhary
Prasanth Parameswaran
Vikas Tokas
Yuvraj Chudasama
Gurvinder Singh
Rajwinder Singh
PG Dake
Umar Nazir
Samad Fallah
Ishwar Chaudhary
Kshemal Waingankar
Pankaj Jaiswal
Jaskaran Singh
Navdeep Poonia
Joel Paris
12 रुपए में दुर्घटना बीमा के लिए नियम तय, ऐसे पा सकते हैं 2 लाख रु. तक का कवर
कौन सी कंपनी चलाएगी स्कीम
वित्त मंत्रालय के अनुसार दुर्घटना बीमा स्कीम को चारों सरकारी साधारण बीमा कंपनियां लागू करेंगी। इसके अलावा अगर कोई निजी बीमा कंपनी भी स्कीम का हिस्सा बनना चाहती हैं, तो वह भी स्कीम को चला सकेगी। अभी न्यू इंडिया इश्योरेंस कंपनी, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी,नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियां हैं।सरकार के विभिन्न मंत्रालय करेंगे हिस्सेदारी
बीमा धारक द्वारा 12 रुपए देने के अलावा सरकार के विभिन्न मंत्रालय भी बीमा कंपनियों को प्रीमियम राशि का भुगतान करेंगे। जो कि अनक्लेम जमाओं से तैयार हुए पब्लिक वेलफेयर फंड और दूसरे स्रोतों से दिया जाएगा। कौन सा मंत्रालय कितनी राशि प्रीमियम में देगा, इसका आवंटन हर साल तय किया जाएगा।







